सरकार ने बढ़ाई ग्रामीण मजदूरी दरेंकेंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए वीबी-जी राम जी योजना के तहत काम करने वाले लोगों की मजदूरी में इजाफा कर दिया है. सरकार ने मजदूरी में 25 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी की है. अब 300 रुपये प्रति दिन से कम किसी भी सूबे में नहीं मिलेगा. मनरेगा का नाम बदलकर नई योजना करने के बाद पहली बार सरकार ने मजदूरी में वृद्धि की है. यह केंद्र सरकार की योजना है लेकिन इसके तहत हर राज्य में काम करने वाले श्रमिकों को अलग-अलग मेहनताना मिलता है. मनरेगा के तहत जो प्रतिदिन की राष्ट्रीय औसत मजदूरी 298.8 रुपये थी वो अब वीबी-जी राम जी योजना के तहत बढ़कर 327.4 रुपये हो गई है. इस तरह प्रति दिन 28.6 रुपये की औसत वृद्धि की गई है.
नई नोटिफिकेशन के मुताबिक अब देश के किसी भी राज्य में ग्रामीण मजदूरी 300 रुपये प्रति दिन से कम नहीं होगी. यह सरकार की ओर से एक बहुत बड़ा कदम है. पहले कई राज्यों में मजदूरी 241 रुपये तक थी, लेकिन अब सभी राज्यों को कम से कम 300 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे. इससे गरीब और मजदूर परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा. आपको बता दें सिक्किम के लोगों की मजदूरी अब तक सबसे अधिक रही है. यहां के लोगों को प्रतिदिन 450 रुपये का मेहनताना दिया जाता है.
इस नई व्यवस्था में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में मजदूरी में 15% से 25% तक की बढ़ोतरी की गई है. इन राज्यों के लोगों को अब पहले से ज्यादा पैसे मिलेंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.
कुछ राज्यों में मजदूरी पहले से ही ज्यादा थी, लेकिन अब उन्हें भी बढ़ाया गया है. केरल, हरियाणा, पंजाब और कर्नाटक में अब मजदूरी 360 रुपये से लेकर 409 रुपये प्रति दिन तक पहुंच गई है. इससे इन राज्यों के मजदूरों को भी फायदा मिलेगा और उनकी आय बढ़ेगी.
VB–G RAM G अधिनियम के तहत अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी भी दी जाएगी. इससे लोगों को पूरे साल काम मिलेगा और उन्हें शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा. साथ ही उनकी आमदनी भी स्थिर रहेगी.
इस नई मजदूरी व्यवस्था में सबसे ज्यादा फायदा उन राज्यों को मिला है जहां पहले मजदूरी कम थी. अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड जैसे राज्यों में मजदूरी में लगभग 24.5% की बढ़ोतरी हुई है. इससे वहां के गरीब मजदूरों की जिंदगी में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है.
VB–G RAM G अधिनियम 2025 के तहत यह नई मजदूरी व्यवस्था ग्रामीण भारत के लिए एक बड़ा कदम है. इससे न सिर्फ मजदूरों की आय बढ़ेगी, बल्कि पूरे देश में समान विकास को भी बढ़ावा मिलेगा. सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाया जाए, जिसमें हर गांव और हर परिवार खुशहाल हो.
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