मुख्यमंत्री मोहन चरण माझीओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में बीजेपी सरकार बनने के बाद पिछले दो साल में किसी किसान की आत्महत्या की खबर सामने नहीं आई है. उन्होंने कहा कि सरकार की किसान योजनाओं और धान के बेहतर दाम से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है. मुख्यमंत्री ने CM-KISAN योजना के तहत 41.35 लाख से ज्यादा किसानों के खातों में 833 करोड़ रुपये से अधिक की पांचवीं किस्त जारी की. पात्र किसानों को DBT के जरिए 2,000 रुपये की सहायता दी गई. इसमें छोटे, सीमांत, भूमिहीन किसानों और विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों के किसानों को भी शामिल किया गया है.
CM माझी ने कहा कि यह राशि किसानों को रबी सीजन से पहले बीज, खाद और कीटनाशक खरीदने में मदद करेगी. उन्होंने दावा किया कि PM-KISAN और CM-KISAN के तहत किसान परिवारों को हर साल कुल 10,000 रुपये की मदद मिलती है. इसके अलावा धान के लिए राज्य सरकार 3,100 रुपये प्रति क्विंटल का दाम दे रही है.
मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि किसान परिवारों की आय बढ़ाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है. किसान परिवार की महिलाओं को सुभद्रा योजना के तहत हर साल 10,000 रुपये की सहायता मिल रही है. माझी ने पिछली BJD सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक ओडिशा में किसानों की आय काफी कम रही. उनके मुताबिक, 2022 में राज्य के किसान परिवार की औसत मासिक आय 5,112 रुपये थी, जो देश में सबसे कम आय वाले राज्यों में शामिल थी. उन्होंने कहा कि नई सरकार का लक्ष्य किसान परिवारों की सालाना आय कम से कम दोगुनी करना है. उन्होंने किसानों से धान के साथ दूसरी गतिविधियां अपनाने की अपील की. इनमें मछली पालन, मशरूम की खेती, बकरी पालन और पशुपालन शामिल हैं. सरकार इन कामों के लिए अलग-अलग योजनाओं के तहत सब्सिडी भी दे रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़, बेमौसम बारिश और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं से फसल बर्बाद होने पर किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है. हाल ही में मयूरभंज, क्योंझर, बालासोर, भद्रक, केंद्रापड़ा और सुंदरगढ़ जिलों के बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए 1,000 करोड़ रुपये के विशेष सहायता पैकेज की घोषणा की गई है. उन्होंने कहा कि राजस्व और कृषि विभाग के कर्मचारियों की ओर से किए गए फसल नुकसान के आकलन के आधार पर किसानों को जल्द मुआवजा दिया जाएगा.
CM माझी ने बताया कि 2025-26 के खरीफ सीजन में 18.84 लाख किसानों से 77.48 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया. इसके लिए किसानों को रिकॉर्ड 5,663.84 करोड़ रुपये की इनपुट सब्सिडी दी गई. वहीं, रबी सीजन में 3.63 लाख किसानों को 1,494.89 करोड़ रुपये दिए गए. उन्होंने किसानों से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अपनी जमीन का विवरण किसान रजिस्ट्री में दर्ज कराने की अपील की.
ओडिशा सरकार धान के अलावा मोटे अनाज यानी मिलेट और दलहन की खेती को भी बढ़ावा दे रही है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य में 4,886 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 6.92 लाख क्विंटल मंडिया खरीदा गया है. वहीं, मुख्यमंत्री कृषि उद्योग योजना के तहत कृषि से जुड़े उद्योग लगाने के लिए 1 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है. (PTI)
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