हरियाणा में 20 लाख मीट्रिक टन क्षमता के नए गोदाम बनेंगे, सीएम सैनी ने दिए निर्देश

हरियाणा में 20 लाख मीट्रिक टन क्षमता के नए गोदाम बनेंगे, सीएम सैनी ने दिए निर्देश

हरियाणा में अनाज के नुकसान को रोकने के लिए 20 लाख मीट्रिक टन क्षमता के नए गोदाम बनाए जाएंगे. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को कवर्ड स्टोरेज और कोल्ड स्टोरेज बढ़ाने के निर्देश दिए हैं.

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हरियाणा में 20 लाख मीट्रिक टन क्षमता के नए गोदाम बनेंगे, सीएम सैनी ने दिए निर्देशसीएम नायब सिंह सैनी (File Photo: PTI)

हरियाणा सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए राज्य में अनाज भंडारण की क्षमता बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में 20 लाख मीट्रिक टन क्षमता के नए आधुनिक गोदाम बनाए जाएं, जिससे किसानों द्वारा उगाए गए अनाज को खराब होने से बचाया जा सके.

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मंगलवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में आयोजित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिए. यह बैठक हरियाणा विजन-2047 के तहत विभाग के अगले पांच वर्षों के रोडमैप और कार्ययोजना को लेकर आयोजित की गई थी.

भंडारण की कमी से हो रहा नुकसान

बैठक में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आयुक्त एवं सचिव जे गणेशन ने बताया कि राज्य में पर्याप्त भंडारण व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल करीब 4 से 5 प्रतिशत अनाज खराब हो जाता है. इस नुकसान को रोकने के लिए कवर्ड स्टोरेज यानी सुरक्षित गोदामों का निर्माण बेहद जरूरी है. उन्होंने बताया कि वर्तमान में हरियाणा में गेहूं का उत्पादन करीब 115 लाख मीट्रिक टन, चावल का 71 लाख मीट्रिक टन, फल-सब्जियों का 110 लाख मीट्रिक टन, दूध और डेयरी उत्पादों का उत्पादन 115 लाख मीट्रिक टन के आसपास है. देश की खाद्य सुरक्षा में हरियाणा का योगदान लगभग 25 प्रतिशत है.

स्टोरेज क्षमता बढ़ाने पर जोर

इस समय प्रदेश में कुल 66 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता उपलब्ध है, जिसे बढ़ाकर 130 लाख मीट्रिक टन तक करने की जरूरत बताई गई है. इस पर मुख्यमंत्री सैनी ने जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के जरिए लक्ष्य को जल्द पूरा किया जाए.

उन्होंने कहा कि अनाज के साथ-साथ फल, सब्जियों और बागवानी फसलों के भंडारण के लिए भी एक मजबूत व्यवस्था तैयार की जाए, ताकि अधिकतम उत्पादन का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके.

सोलर पावर से होंगे गोदाम संचालित

मुख्यमंत्री ने गोदामों को आधुनिक और ऊर्जा-सक्षम बनाने पर भी जोर दिया. उन्होंने निर्देश दिए कि सभी नए और पुराने गोदामों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएं और उन्हें बिजली ग्रिड से जोड़ा जाए, जिससे ऊर्जा उत्पादन भी बढ़ाया जा सके.

तकनीक के इस्तेमाल पर जोर

मंडियों और गोदामों में मजदूरों द्वारा बोरी उठाने की परंपरागत व्यवस्था की जगह आधुनिक तकनीक लागू करने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे. इसके तहत कन्वेयर बेल्ट और अन्य मशीनों का उपयोग शुरू करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा.

हजारों करोड़ का होगा बचाव

अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित योजनाओं को लागू करने से आने वाले पांच वर्षों में करीब 3000 से 5000 करोड़ रुपये तक के नुकसान को रोका जा सकेगा.

सरकार का फोकस: नुकसान रोकना और दक्षता बढ़ाना

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य न सिर्फ उत्पादन बढ़ाना है, बल्कि उसके सुरक्षित भंडारण और बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करना भी है. इस बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, ओएसडी डॉ. राज नेहरू समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

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