गुड़ फैक्ट्री बिहार में एक बार फिर गन्ने की खेती और इससे जुड़े हुए उद्योगों की स्थापना को लेकर बिहार सरकार काफी एक्टिव दिख रही है. वहीं, बिहार गन्ना उद्योग विभाग की ओर से वैसे किसानों और युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका लेकर आई है, जो गन्ने से तैयार होने वाले अलग-अलग उत्पादनों के क्षेत्र में अपना खुद का व्यवसाय करना चाहते हैं. वैसे लोगों के लिए अब सरकार की ओर से गुड़ फैक्ट्री लगाने के लिए 50 फीसदी तक सब्सिडी दी रही है, जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
राज्य में गन्ने की खेती करने के साथ ही चीनी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की कई योजनाएं चल रही हैं, जिनमें गन्ने की खेती करने के लिए किसानों को सब्सिडी दी जा रही है. इसी प्रकार राज्य सरकार ने गुड़ उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें गुड़ बनाने वाली फैक्ट्री लगाने के लिए गन्ना किसानों और निवेशकों को छह लाख से लेकर एक करोड़ तक की सब्सिडी दी जा रही है.
गन्ना उद्योग विभाग की ओर से गुड़ फैक्ट्री लगाने को लेकर ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 25 जून तय की गई है. यह तारीख वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रथम चरण के तौर पर निर्धारित की गई है. वहीं, इच्छुक किसान और निवेशक योजना का लाभ लेने के लिए ccs.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इस योजना के तहत पेराई क्षमता के अनुसार कुल उत्पादन वाली फैक्ट्रियों को सब्सिडी की राशि दी जाएगी.
गन्ना उद्योग विभाग द्वारा बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत शुरू की गई इस योजना के जरिए अलग-अलग पेराई क्षमता वाली गुड़ उत्पादन फैक्ट्री को पूंजीगत लागत की 50 फीसदी तक सब्सिडी देने का प्रावधान है. इसमें 5 से 20 टन प्रतिदिन गन्ना पेराई की क्षमता वाली फैक्ट्रियों को अधिकतम 6 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाएगी. इसी प्रकार 21 से 40 टन प्रतिदिन पेराई करने वाली फैक्ट्रियों को अधिकतम 15 लाख रुपये, 41 से 60 टन प्रतिदिन पेराई क्षमता वाली फैक्ट्रियों को अधिकतम 45 लाख रुपये और 60 टन से अधिक प्रतिदिन पेराई करने वाली फैक्ट्रियों को अधिकतम 1 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाएगी.
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