जल्द चालू होगी बिहार की सासामूसा चीनी मिलबिहार में बनी नई एनडीए सरकार गन्ने की खेती और बंद चीनी मिलों को लेकर काफी सक्रिय दिख रही है. बीते कुछ महीनों में नई चीनी मिलों को शुरू करने के साथ ही बंद चीनी मिलों को चालू करने की कवायद तेज कर दी गई है. वहीं अब सीएम सम्राट सरकार ने गोपालगंज जिले की बंद पड़ी सासामूसा चीनी मिल के 14 हजार गन्ना किसानों के लिए राहत भरा आदेश जारी किया है. बीते दिनों राज्य कैबिनेट ने इन किसानों के 42.99 करोड़ रुपये के लंबित बकाए के भुगतान को मंजूरी दे दी है. इस फैसले से न सिर्फ किसानों को उनका हक मिलेगा, बल्कि मिल के दोबारा चालू होने का रास्ता भी साफ हो गया है.
वहीं लंबे समय से अपने बकाये का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह फैसला बड़ी राहत लेकर आया है. सरकार का मानना है कि बकाया भुगतान से किसान फिर से गन्ने की खेती की ओर लौटेंगे और मिल को दोबारा चालू करने का रास्ता आसान होगा.
गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार किसानों के हित में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है. उन्होंने कहा कि सासामूसा चीनी मिल के किसानों का बकाया लंबे समय से लंबित था. अब जल्द ही 14 हजार किसानों के खातों में उनके हक का पैसा पहुंच जाएगा. इस भुगतान से न सिर्फ किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि गोपालगंज और आसपास के क्षेत्रों में गन्ने की खेती को नई जान भी मिलेगी.
सरकार की ओर से 14 हजार गन्ना किसानों को बकाया राशि देने से केवल उनकी आर्थिक स्थिति ही नहीं सुधरेगी, बल्कि यह उम्मीद भी बढ़ गई है कि एक बार फिर सासामूसा चीनी मिल चालू होगी और आसपास के किसानों के साथ ही अन्य जिलों के गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा. विभाग के मंत्री ने कहा कि बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा चालू करने के काम को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है. सासामूसा मिल के चालू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और गन्ना किसानों की आय में वृद्धि होगी.
किसानों के भुगतान के साथ सासामूसा चीनी मिल फिर से शुरू होने की बातें इसलिए कही जा रही हैं क्योंकि गन्ना उद्योग मंत्री ने रीगा चीनी मिल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी किसानों का बकाया भुगतान करने के बाद मिल को सफलतापूर्वक चालू किया गया. अब उसी तर्ज पर सासामूसा मिल में भी कामयाबी हासिल करने की तैयारी है. सरकार NCLT में लंबित मामलों के जल्द समाधान के लिए भी प्रयास कर रही है. इससे न सिर्फ चीनी उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि इथेनॉल और बिजली उत्पादन जैसे क्षेत्रों में भी विकास होगा. सासामूसा चीनी मिल दोबारा शुरू होने से गोपालगंज क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और किसानों की मेहनत का सही फल मिलेगा.
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