
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना लगातार नई उपलब्धियों के साथ प्रदेश के गन्ना किसानों की उम्मीदों का केंद्र बनता जा रहा है. कारखाना प्रबंधन ने आगामी पेराई सत्र के लिए 4 लाख मीट्रिक टन से अधिक गन्ना क्रशिंग का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके साथ ही किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी आय बढ़ाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं.
किसानों की ओर से लंबे समय से बोनस राशि में वृद्धि की मांग की जा रही है. इस संबंध में कारखाना प्रबंधन ने बताया कि किसानों की मांग को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष रखा गया है और इस दिशा में सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार किसानों के हित में उचित निर्णय लेगी.
भोरमदेव शक्कर कारखाना आज देश के उन चुनिंदा कारखानों में शामिल है, जो सर्वाधिक शुगर रिकवरी के लिए जाने जाते हैं. कारखाने ने लगातार तीसरे वर्ष 12 प्रतिशत से अधिक शुगर रिकवरी हासिल कर नया रिकॉर्ड बनाया है.वर्तमान पेराई सत्र में कारखाने की शुगर रिकवरी 12.09 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय स्तर पर एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है.
विशेषज्ञों के अनुसार शुगर रिकवरी का उच्च प्रतिशत कारखाने की तकनीकी दक्षता, गुणवत्तापूर्ण गन्ना उत्पादन और बेहतर प्रबंधन को दर्शाता है. इससे किसानों को भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलता है.
कारखाना प्रबंधन द्वारा किसानों की सुविधा और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए कई नवाचार किए गए हैं. किसानों के लिए ‘बलराम सदन’ कृषक प्रतीक्षालय का निर्माण कराया गया है, जहां वे आवश्यक सुविधाओं के साथ आराम कर सकते हैं.इसके अलावा किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता के अनुसार खेती करने के लिए मिट्टी परीक्षण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. खेतों की उर्वरता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रेसमड का वितरण किया जा रहा है, जबकि कारखाने की ओर से किसानों को रियायती दर पर शक्कर भी उपलब्ध कराई जा रही है.
गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने के लिए लगभग 2,000 एकड़ क्षेत्र में उन्नत गन्ना बीज और सीडलिंग उपलब्ध कराई गई है. इससे किसानों को अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता वाला गन्ना तैयार करने में मदद मिल रही है.कारखाना प्रबंधन का मानना है कि आधुनिक तकनीक और उन्नत किस्मों के उपयोग से आने वाले वर्षों में गन्ना उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी.
कारखाना केवल किसानों के हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रमिकों के कल्याण पर भी विशेष ध्यान दे रहा है. कारखाना परिसर में संचालित शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना कैंटीन के माध्यम से श्रमिकों को मात्र 5 रुपए में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. इस पहल से श्रमिकों को राहत मिलने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य और कार्यक्षमता में भी सुधार देखने को मिल रहा है.
भोरमदेव शक्कर कारखाना अपनी बेहतर कार्यप्रणाली, रिकॉर्ड शुगर रिकवरी, किसान हितैषी योजनाओं और श्रमिक कल्याणकारी पहलों के कारण प्रदेश के सहकारी क्षेत्र का एक सफल मॉडल बनकर उभरा है. आगामी सत्र में 4 लाख मीट्रिक टन से अधिक गन्ना क्रशिंग के लक्ष्य के साथ कारखाना न केवल नए कीर्तिमान स्थापित करने की ओर अग्रसर है, बल्कि हजारों किसानों की आर्थिक समृद्धि का भी मजबूत आधार बन रहा है.
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