केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया मूंग खरीदी का ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी करते हुए देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 18,880 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के जरिए भेजी. इस कार्यक्रम से केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान रायसेन जिले के बाड़ी से वर्चुअली जुड़े और उन्होंने भी कई अहम घोषणाएं की, जिसमें मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी का ऐलान सबसे प्रमुख रहा.
पीएम मोदी ने बंगाल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना, एग्रीस्टैक, राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन और प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की शुरुआत भी की. इन योजनाओं का उद्देश्य किसानों को जोखिम से सुरक्षा देना, खेती को डिजिटल बनाना, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना और ग्रामीण कृषि ढांचे को मजबूत करना बताया गया. इन पहलों से फसल प्रबंधन और कृषि सेवाओं तक पहुंच आसान होगी.
राष्ट्रीय कार्यक्रम से वर्चुअल रूप से जुड़े मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के बाड़ी में आयोजित जनकल्याण शिविर में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसान सम्मान निधि सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि किसानों के सम्मान का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि केंद्र की सहायता के साथ मध्य प्रदेश सरकार की अतिरिक्त सहायता किसानों को खेती के खर्च और जोखिम संभालने में सहारा देती है.
कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए मूंग खरीदी को मंजूरी देने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र से इसकी अनुमति मांगी थी और अब किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दिलाने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि मूंग प्रदेश की महत्वपूर्ण फसलों में तीसरे नंबर पर आ चुकी है और इसकी खरीद व्यवस्था मजबूत होने से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी. उन्होंने एमएसपी आधारित खरीद को और पारदर्शी तरीके से लागू करने पर जोर दिया.
केंद्रीय मंत्री ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड अभियान से अधिक संख्या में जुड़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि मौसम और बाजार की अनिश्चितता के दौर में बीमा और सस्ती कृषि लोन व्यवस्था किसानों के लिए सुरक्षा कवच का काम कर सकती है. सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक किसानों को इन योजनाओं से जोड़ना है.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस वर्ष कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश की आशंका को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें संयुक्त रूप से कंटिजेंसी प्लान पर काम कर रही हैं. किसानों को समय रहते फसल चयन, बीज, नमी संरक्षण और जल प्रबंधन से जुड़ी सलाह देने की तैयारी की जा रही है. उन्होंने कहा कि उद्देश्य यह है कि मौसम की चुनौती का असर उत्पादन और किसानों की आय पर कम से कम पड़े.
कार्यक्रम में एग्रीस्टैक और राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन को खेती के भविष्य से जोड़कर देखा गया. डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को डेटा आधारित सेवाएं देने और प्राकृतिक खेती क्लस्टर विकसित करने पर जोर दिया गया. सरकार का मानना है कि इससे लागत कम करने और टिकाऊ कृषि प्रणाली तैयार करने में मदद मिलेगी.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खेती को मजबूत बनाने के लिए केवल फसल उत्पादन नहीं बल्कि सड़क, बाजार, आवास और ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर भी काम किया जा रहा है. इसी क्रम में भोजपुर क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 31 नई सड़कों को मंजूरी देने की घोषणा की गई. उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से किसानों को बाजार और सेवाओं तक पहुंच आसान होगी.
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