राजस्थान में दलहन प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर मिलेगी 25 लाख तक की सब्सिडी, जानिए पूरी प्रोसेस

राजस्थान में दलहन प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर मिलेगी 25 लाख तक की सब्सिडी, जानिए पूरी प्रोसेस

राजस्थान सरकार ने 'दलहन आत्मनिर्भरता मिशन' के तहत 37 जिलों में दलहन प्रोसेसिंग व पैकेजिंग यूनिट लगाने के लिए नई सब्सिडी योजना शुरू की है. FPO, PACS, CLF, पंजीकृत संस्थाएं और व्यक्तिगत आवेदक पात्र होंगे. जानिए आवेदन का तरीका और अन्‍य सभी डिटेल...

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राजस्थान में दलहन प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर मिलेगी 25 लाख तक की सब्सिडी, जानिए पूरी प्रोसेसराजस्‍थान के 37 जिलों में लगेंगीं दलहन प्रोसेसि‍ंग यूनिट (AI Image)

राजस्थान सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और दलहन फसलों में वैल्‍यू एडिशन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. राज्य में केंद्र सरकार के 'दलहन आत्मनिर्भरता मिशन' को आगे बढ़ाने के क्रम में दलहन प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) और पैकेजिंग यूनिट्स लगाने के लिए सब्सिडी योजना लाई गई है. राज्‍य के कृषि आयुक्‍तालय, पंत कृषि भवन, जयपुर ने सोमवार को योजना से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर किए हैं. इस योजना के तहत किसान उत्पादक संगठनों (FPO), प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS), क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF), कोई पंजीकृत संस्था और व्यक्तिगत आवेदक को नई प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर अधिकतम 25 लाख रुपये तक की वित्तीय मदद यानी सब्सिडी मिलेगी. राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 में 37 जिलों में एक-एक नई यूनिट लगाने करने का लक्ष्य रखा है.

क्या है योजना का उद्देश्य?

इस योजना का उद्येश्‍य दलहन फसलों की कटाई के बाद लोकल लेवल पर प्रोसेसिंग और पैकेजिंग की सुविधा बढ़ाना है, ताकि किसानों को कच्चा माल बेचने के बजाय वैल्‍यूएडेड उत्पाद बेचने का मौका मिले. इससे किसानों की आय बढ़ेगी, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और देश की आयातित दलहन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी. प्रोसेसिंग यूनिट बनने से सफाई, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, भंडारण और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में गांवों में भी रोजगार बढ़ेगा, जिसमें युवाओं और मह‍िलाओं को मौका मिलेगा.

किन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ?

इस योजना के तहत निम्नलिखित श्रेणियों के आवेदक आवेदन कर सकते हैं.

  1. किसान उत्पादक संगठन (FPO)
  2. क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF)
  3. प्राथमिक कृषि सहकारी ऋण समितियां (PACS)
  4. किसी भी अधिनियम के तहत रजिस्‍टर्ड उद्यम
  5. व्यक्तिगत आवेदक

योजना की पात्रता की शर्तें

समूह श्रेणी (FPO, CLF, PACS आदि) के लिए

  • संस्था कम से कम 2 साल पुरानी और सक्रिय होनी चाहिए.
  • परियोजना लागत का कम से कम 15 प्रतिशत स्वयं की पूंजी उपलब्ध होनी चाहिए.
  • कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) की व्यवस्था भी करनी होगी.

व्यक्तिगत आवेदक के लिए शर्तें

  • आवेदक की आयु 21 साल या उससे अधिक होनी चाहिए.
  • एक परिवार से केवल एक व्यक्ति ही योजना का लाभ ले सकेगा. यहां परिवार की परिभाषा में पति-पत्नी और अविवाहित बच्चे शामिल होंगे.
  • परियोजना लागत का कम से कम 15 प्रतिशत स्वयं निवेश करना होगा.

कैसे होगा आवेदन, क्‍या है प्रोसेस?

कृषि आयुक्‍तालय के अनुसार, योजना के लिए आवेदन ऑफलाइन किए जाएंगे. जिला स्तर पर गठित दलहन मिशन जिला संचालन समिति (DSCP) आवेदन आमंत्रित करेगी. आवेदन की जानकारी न्‍यूज पेपर्स, ऑनलाइन पोर्टल और सोशल मीडिया के माध्यम से जारी होगी. आवेदन जमा करने के लिए विज्ञापन जारी होने के बाद कम से कम 30 दिन का समय दिया जाएगा. वहीं, कृषि अवसंरचना कोष (AIF) के पात्र आवेदकों को AIF पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन करना होगा.

योजना के लिए कैसे होगा चयन?

जिला स्तर की समिति आवेदनों की जांच करेगी. चयन के दौरान इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

दलहन मूल्य श्रृंखला से जुड़ाव
परियोजना की वित्तीय व्यवहार्यता
प्रस्तावित मशीनरी और तकनीक
आवेदक का अनुभव और रिकॉर्ड
स्थानीय दलहन उत्पादन से परियोजना का जुड़ाव

हालांकि, राज्‍य सरकार ने साफ किया है कि दलहन उत्पादन करने वाले FPO, PACS और CLF को प्राथमिकता दी जाएगी.

प्रोसेसिंग यूनिट के लिए क्या हैं शर्तें ?

  • नई यूनिट की न्यूनतम क्षमता 300 किलोग्राम प्रति घंटा होनी चाहिए.
  • सहायता केवल नई इकाई पर मिलेगी.
  • मशीनरी भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) या समकक्ष गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होनी चाहिए.
  • मशीनें केवल जीएसटी पंजीकृत निर्माता या अधिकृत विक्रेता से खरीदनी होंगी.
  • इकाई में विभिन्न प्रकार की दलहनों की प्रोसेसिंग की क्षमता होना बेहतर माना जाएगा.

किन चीजों पर मिलेगी सब्सिडी?

सरकार मशीनरी और आधारभूत ढांचे पर सहायता देगी. इसमें निम्‍न चीजें शामिल हैं.

  • क्लीनर-कम-ग्रेडर
  • डी-हस्कर
  • पॉलिशर
  • बकेट एलीवेटर
  • कलर सॉर्टर
  • पैकेजिंग मशीन
  • वजन और सीलिंग मशीन
  • भवन, गोदाम और भंडारण इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर

किन खर्चों पर नहीं मिलेगी सहायता?

दिशा-निर्दशों की शर्तों के अनुसार, इन मदों पर सब्सिडी नहीं मिलेगी.

  • यूनिट लगाने के लिए जमीन की खरीद पर 
  • बिजली और ऊर्जा पर खर्च के लिए
  • मैनपावर
  • कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) के लिए
  • अन्य संचालन खर्च के लिए

यूनिट लगाने पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?

  • पात्र परियोजना लागत का 33 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी.
  • प्रति यूनिट अधिकतम सब्सिडी 25 लाख रुपये होगी.
  • भवन और गोदाम निर्माण पर कुल पात्र सब्सिडी का अधिकतम 30 प्रतिशत हिस्सा ही खर्च किया जा सकेगा.
  • सब्सिडी की गणना केवल पात्र मशीनरी और भवन निर्माण लागत पर होगी.

क्या बैंक लोन लेना जरूरी है?

हां, योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए बैंक लोन अनिवार्य रखा गया है. आवेदक को कम से कम 15 प्रतिशत स्वयं निवेश करना होगा. बाकी राशि बैंक लोन, AIF या अन्य सरकारी योजनाओं से जुटाई जा सकती है.

सब्सिडी कब मिलेगी?

जिला समिति द्वारा भौतिक सत्यापन के बाद डीबीटी के माध्यम से राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी. कुल सहायता राशि (सब्सिडी) का 50 प्रतिशत मशीनरी और भवन निर्माण पूरा होने के बाद मिलेगा. वहीं, शेष 50 प्रतिशत परियोजना के सफल संचालन के बाद जारी किया जाएगा.

लाभार्थियों को किन नियमों का पालन करना होगा?

योजना का लाभ लेने वाले सभी आवेदकों को...

  • इकाई शुरू होने के बाद कम से कम 3 साल तक उसका संचालन और रखरखाव करना होगा.
  • FSSAI सहित सभी आवश्यक कानूनी और गुणवत्ता मानकों का पालन करना होगा.
  • सरकार के निरीक्षण और निगरानी के लिए तैयार रहना होगा.
  • सब्सिडी राशि का दुरुपयोग होने पर वसूली और दंडात्मक कार्रवाई होगी.
  • बिना अनुमति तीन वर्ष तक मशीनरी या परिसंपत्तियों को बेचा, गिरवी रखा या हस्तांतरित नहीं किया जा सकेगा.
  • हर तिमाही प्रगति रिपोर्ट और उपयोगिता प्रमाणपत्र देना होगा.
  • यूनिट के बाहर योजना के लाभार्थी होने की जानकारी देने के लिए बोर्ड भी लगाना होगा.

राज्य में कितना लक्ष्य तय किया गया है?

राजस्थान सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 37 जिलों में एक-एक दलहन प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग इकाई लगाने करने का लक्ष्य रखा है. हर जिले के लिए 25 लाख रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है. इस तरह कुल 37 यूनिट्स के लिए 9.25 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है.

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