विकसित भारत जी-राम-जी योजना (AI- तस्वीर)ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने विकसित भारत जी-राम-जी (VB-GRAM-G) योजना के तहत राज्यों को 25,863 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है. इस राशि को केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जारी की. इस दौरान उन्होंने सभी राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों और अधिकारियों से योजना को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू करने की अपील की. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नई योजना का काम संतोषजनक तरीके से शुरू हुआ है और अब तक किसी भी तरह की शिकायत सामने नहीं आई है. उन्होंने कहा कि यह इस बात का संकेत है कि पुरानी व्यवस्था से नई योजना में बदलाव सफलतापूर्वक हुआ है.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पहले मनरेगा के संचालन के दौरान कई तरह की गड़बड़ियों की शिकायतें मिलती थीं. इन्हीं कमियों को दूर करने के लिए विकसित भारत जी-राम-जी योजना शुरू की गई है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि नई व्यवस्था में पारदर्शिता सबसे बड़ी प्राथमिकता है और किसी भी तरह के फर्जीवाड़े के लिए कोई स्थान नहीं होगा. उन्होंने कहा कि काम की गति जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी उसकी पारदर्शिता भी है. सरकार चाहती है कि जरूरतमंद लोगों तक समय पर रोजगार पहुंचे और योजना का लाभ सभी लोगों को मिले.
शिवराज सिंह चौहान ने उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा, असम, झारखंड, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों से विशेष आग्रह किया कि वे योजना की नियमित समीक्षा करें. उन्होंने कहा कि बारिश और खेती के कारण फिलहाल रोजगार की मांग कम हो सकती है, लेकिन इन राज्यों में रोजगार सृजन की बड़ी संभावनाएं हैं. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहां जरूरत हो, वहां बाकी ग्राम पंचायतों में भी जल्द काम शुरू कराया जाए, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर रोजगार मिल सके.
नई व्यवस्था के अनुसार, हर ग्रामीण परिवार जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करना चाहते हैं, उन्हें प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी. सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी, रोजगार के अवसर मजबूत होंगे और गांवों का विकास तेज होगा. यदि किसी श्रमिक को तय समय सीमा के भीतर काम नहीं मिलता है, तो उसे कानून के तहत बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान रखा गया है.
सरकार ने योजना में समय पर भुगतान पर भी विशेष जोर दिया है. श्रमिकों की मजदूरी पहले की तरह सीधे उनके बैंक या डाकघर खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाएगी. नियमों के अनुसार, वेतन का भुगतान साप्ताहिक आधार पर या हाजिरी बंद होने के 15 दिनों के भीतर करना होगा. यदि भुगतान में देरी होती है, तो श्रमिकों को निर्धारित प्रावधानों के तहत मुआवजा भी मिलेगा. केंद्र सरकार का मानना है कि विकसित भारत जी-राम-जी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.
विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-GRAM-G योजना 1 जुलाई 2026 से लागू हो चुकी है. इस योजना को संसद के शीतकालीन सत्र 2025 में मंजूरी मिली थी. नई योजना के तहत पहले की 100 दिन की रोजगार गारंटी बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है. हालांकि, इस योजना को लेकर विपक्ष ने सवाल भी उठाए हैं. विपक्ष का आरोप है कि नई योजना में महात्मा गांधी का नाम हटाया गया है और केंद्र और राज्यों के बीच फंडिंग का अनुपात बदलकर 60:40 कर दिया गया है.
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