'सूखा प्रभावित किसानों को भेजा 100 टन अनाज', एकनाथ शिंदे ने बच्चों की पढ़ाई और शादी में मदद का दिया भरोसा

'सूखा प्रभावित किसानों को भेजा 100 टन अनाज', एकनाथ शिंदे ने बच्चों की पढ़ाई और शादी में मदद का दिया भरोसा

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि सूखा प्रभावित किसानों के लिए 100 टन खाद्यान्न की पहली खेप भेज दी गई है. उन्होंने दिवाली पर किसानों को राहत देने के साथ उनके बच्चों की पढ़ाई और शादी में मदद का भरोसा दिया.

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'सूखा प्रभावित किसानों को भेजा 100 टन अनाज', एकनाथ शिंदे ने बच्चों की पढ़ाई और शादी में मदद का दिया भरोसामहाराष्‍ट्र डिप्‍टी सीएम एकनाथ शिंदे (File Photo: X/@ShivSena)

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने सूखा प्रभावित किसानों की मदद के लिए 100 टन खाद्यान्न की पहली खेप भेज दी है. उन्होंने मंगलवार को मुंबई में शिवसेना की दशहरा रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यह किसानों के लिए दिवाली का तोहफा है और आने वाले दिनों में खाद्यान्न की और खेप भेजी जाएंगी. उन्होंने कहा कि सरकार और शिवसेना फसल नुकसान और पानी की कमी से परेशान किसानों के साथ खड़ी है.

सूखे से खेतों में खड़ी फसलें हो रहीं बर्बाद

एकनाथ शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र में सूखे का असर दिखाई दे रहा है और पानी की कमी के कारण खेतों में खड़ी फसलें सूख रही हैं. इससे किसानों की पैदावार प्रभावित हो रही है और उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं. उन्होंने पिछले साल की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि अत्यधिक बारिश के कारण जमीन बह गई थी. उस दौरान फसलों और मवेशियों को भी भारी नुकसान पहुंचा था. शिंदे ने कहा कि शिवसेना उस समय भी प्रभावित किसानों के साथ मजबूती से खड़ी रही थी.

बच्चों की पढ़ाई और शादी में मदद का भरोसा

शिंदे ने किसानों के साथ हुई मुलाकातों का जिक्र करते हुए कहा कि कई परिवार अपनी परेशानियां बताते हुए भावुक हो गए थे. किसानों ने चिंता जताई कि वे परिवार का खर्च कैसे चलाएंगे, बच्चों की पढ़ाई कैसे पूरी कराएंगे और उनकी शादी का इंतजाम कैसे करेंगे. शिंदे ने कहा कि उन्होंने इन परिवारों को भरोसा दिया है कि वह अपने वादे से पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने कहा कि शिवसेना किसानों के बच्चों की शिक्षा और उनकी शादी में मदद की जिम्मेदारी उठाएगी.

किसानों से आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठाने की अपील

शिवसेना प्रमुख ने कहा कि कुछ किसानों ने उनसे मुलाकात के बाद बताया कि अब वे अपनी जान नहीं देंगे. उन्होंने किसानों से अपील की कि वे संकट के समय आत्महत्या जैसा कदम न उठाएं. शिंदे ने कहा कि उनकी पार्टी किसानों की मदद के लिए आगे भी काम करती रहेगी. खुद को किसान का बेटा बताते हुए उन्होंने कहा कि वह खेती करने वाले परिवारों की समस्याओं और उनकी तकलीफों को समझते हैं.

बोले- मैं सिर्फ भाषण नहीं, किसानों को राशन भी देता हूं

दशहरा रैली के दौरान एकनाथ शिंदे ने बिना किसी का नाम लिए अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग रोज उनकी आलोचना करते हैं और उन्हें किसानों के मुद्दे पर बोलने की चुनौती देते हैं. इस पर शिंदे ने कहा, "मैं सिर्फ भाषण नहीं देता, किसानों को राशन भी देता हूं." उन्होंने कहा कि यह समय किसानों की परेशानी पर राजनीति करने का नहीं, बल्कि उनकी मदद के लिए आगे आने का है. उन्होंने दोहराया कि किसानों के लिए खाद्यान्न की और खेप भेजी जाएगी.

बालासाहेब ठाकरे का किया जिक्र

शिवसेना की दशहरा रैली पार्टी के गठन के 60 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित की गई थी. इस दौरान शिंदे ने शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे को याद किया. उन्होंने कहा कि अगर बालासाहेब आज जीवित होते तो संकट से जूझ रहे किसानों की मदद को उत्सव मनाने से ज्यादा प्राथमिकता देते. महाराष्ट्र सरकार इससे पहले फसल नुकसान झेल रहे किसानों के लिए 5,000 रुपये की अंतरिम आर्थिक सहायता की घोषणा कर चुकी है. (पीटीआई)

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