सिवनी के सीताफल की देश-विदेश में बढ़ेगी डिमांड! GI टैग वाले ‘जम्बो’ से किसानों की कमाई बढ़ाने की तैयारी

सिवनी के सीताफल की देश-विदेश में बढ़ेगी डिमांड! GI टैग वाले ‘जम्बो’ से किसानों की कमाई बढ़ाने की तैयारी

सिवनी के GI टैग प्राप्त जम्बो सीताफल को देश-विदेश के बाजार तक पहुंचाने की तैयारी है.‘सीताफल से समृद्धि’ अभियान के तहत किसान पंजीयन और सर्वे अंतिम चरण में हैं. जल्द ही बाजार, ब्रांडिंग, प्रोसेसिंग और निर्यात की संभावनाओं पर जिला स्तरीय कार्यशाला होगी.

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सिवनी के सीताफल की देश-विदेश में बढ़ेगी डिमांड! GI टैग वाले ‘जम्बो’ से किसानों की कमाई बढ़ाने की तैयारी

मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में पैदा होने वाला सिवनी जम्बो सीताफल अब किसानों की आर्थिक समृद्धि का नया आधार बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. एक जिला एक उत्पाद (ODOP) के तहत चयनित और GI टैग प्राप्त सिवनी जम्बो सीताफल को स्थानीय बाजार से निकालकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है.

किसानों को सीताफल की बेहतर कीमत दिलाने और इसकी पूरी मूल्य श्रृंखला विकसित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के निर्देशन में ‘सीताफल से समृद्धि’ अभियान चलाया जा रहा है. अभियान के तहत जिले में सीताफल के पौधों की गणना, सर्वेक्षण और उत्पादक किसानों के पंजीयन का काम किया जा रहा है, जो अब अंतिम चरण में पहुंच गया है.

GI टैग से मिलेगी अलग पहचान

सिवनी जम्बो सीताफल को मिला GI टैग इसकी विशिष्ट पहचान को प्रमाणित करता है. अब प्रशासन का फोकस इस पहचान को मजबूत बाजार से जोड़ने पर है. इसके लिए सीताफल की सिर्फ खेती बढ़ाने के बजाय उत्पादन से लेकर बिक्री और निर्यात तक पूरी वैल्यू चेन विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है.इसके तहत फल की ग्रेडिंग, पैकेजिंग, प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन, ब्रांडिंग और मार्केटिंग को बढ़ावा दिया जाएगा. इससे किसानों को बिचौलियों पर निर्भरता कम करने और अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिल सकती है.

देश ही नहीं, विदेशों तक पहुंचेगा सिवनी का जम्बो सीताफल

अभियान के अगले चरण में सीताफल की मार्केटिंग और निर्यात की संभावनाओं को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी. इसमें सीताफल उत्पादक किसानों के साथ विक्रेता, एफपीओ सदस्य, खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्यमी और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे.इसके अलावा नाबार्ड और कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) सहित संबंधित संस्थाओं और विशेषज्ञों को भी कार्यशाला से जोड़ने की तैयारी है.

कार्यशाला में किसानों को सीताफल की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और निर्यात से जुड़ी संभावनाओं की जानकारी दी जाएगी. साथ ही बड़े खरीदारों और संभावित निर्यात बाजारों तक पहुंच बनाने के तरीकों पर भी चर्चा होगी.

सीताफल से तैयार होंगे नए कारोबार के अवसर

सीताफल की बिक्री केवल ताजे फल के रूप में करने के बजाय इसके प्रसंस्कृत और मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार करने पर भी जोर दिया जाएगा. इससे जिले में स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योग और उद्यमिता को बढ़ावा मिल सकता है.

प्रशासन का उद्देश्य किसानों, एफपीओ, वित्तीय संस्थाओं, प्रसंस्करण उद्यमियों और बाजार के बीच बेहतर तालमेल बनाना है, ताकि GI टैग वाले सिवनी जम्बो सीताफल को एक मजबूत स्थानीय ब्रांड के रूप में स्थापित किया जा सके.

पंजीयन से तैयार होगा सीताफल उत्पादन का पूरा डेटा

अभियान के तहत किसानों का सर्वेक्षण और पंजीयन इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे जिले में सीताफल उत्पादन की वास्तविक स्थिति का आंकड़ा तैयार किया जा सकेगा. भविष्य में मार्केटिंग, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और निर्यात से जुड़ी योजनाएं तैयार करने में यह डेटा अहम भूमिका निभाएगा.

कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने ऐसे सभी सीताफल उत्पादक किसानों से शीघ्र पंजीयन कराने की अपील की है, जिनका अभी तक सर्वेक्षण या पंजीयन नहीं हुआ है.

इन नंबरों पर करें संपर्क

शेष सीताफल उत्पादक किसान 9098431856 और 9713448994 पर संपर्क कर पंजीयन तथा ‘सीताफल से समृद्धि’ अभियान से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

कुल मिलाकर, सिवनी में GI टैग प्राप्त जम्बो सीताफल को अब सिर्फ एक स्थानीय फल के रूप में नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने वाले ब्रांड और रोजगार-उद्यमिता के नए अवसर के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है.अगर बाजार, प्रोसेसिंग और निर्यात की कड़ी मजबूत होती है, तो सिवनी का जम्बो सीताफल देश के साथ-साथ विदेशी बाजार में भी अपनी अलग पहचान बना सकता है. 

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