मध्यप्रदेश में पीएम सूर्य घर योजना का लाभ बढ़ा, 40 हजार परिवारों तक पहुंची 311 करोड़ की सब्सिडी

मध्यप्रदेश में पीएम सूर्य घर योजना का लाभ बढ़ा, 40 हजार परिवारों तक पहुंची 311 करोड़ की सब्सिडी

मध्यप्रदेश में पीएम सूर्य घर योजना के तहत हजारों परिवारों को सोलर सब्सिडी का लाभ मिल रहा है. अब तक करीब 40 हजार परिवारों को 311 करोड़ रुपए की सहायता मिल चुकी है, जिससे बिजली बिल में बड़ी राहत मिल रही है

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मध्यप्रदेश में पीएम सूर्य घर योजना का लाभ बढ़ा, 40 हजार परिवारों तक पहुंची 311 करोड़ की सब्सिडी

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना मध्यप्रदेश में आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत बनकर उभर रही है. सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली इस योजना के तहत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 16 जिलों में अब तक 39 हजार 975 उपभोक्ता जुड़ चुके हैं. इन लाभार्थियों के खातों में केंद्र सरकार की ओर से 311 करोड़ 64 लाख रुपए से अधिक की सब्सिडी ट्रांसफर की जा चुकी है.

योजना के जरिए हजारों परिवार अब अपने घरों की छतों पर सोलर संयंत्र लगाकर बिजली खर्च में भारी बचत कर रहे हैं.कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे ऑनलाइन पंजीकरण के बाद केवल अधिकृत और पंजीकृत वेंडर से ही सोलर प्लांट स्थापित कराएं, ताकि सब्सिडी और तकनीकी सेवाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिल सके.

सोलर प्लांट पर सहायता

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर संयंत्र लगाने पर केंद्र सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी प्रदान की जा रही है. योजना के तहत—

  • 1 किलोवॉट सोलर संयंत्र पर 30 हजार रुपए
  • 2 किलोवॉट सोलर संयंत्र पर 60 हजार रुपए
  • 3 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है.

सरकार की इस पहल का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना और घरेलू बिजली बिल का बोझ कम करना है.

ऑनलाइन आवेदन से मिल रहा आसान लाभ

प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की शुरुआत 13 फरवरी 2024 को की गई थी. योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को ऑनलाइन आवेदन करना आवश्यक है.आवेदन पीएम सूर्य घर योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmsuryaghar.gov.in पर किया जा सकता है.

इसके अलावा उपभोक्ता मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in, उपाय ऐप, व्हॉट्सऐप चैटबॉट और टोल फ्री नंबर 1912 के माध्यम से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

समय पर सब्सिडी के लिए जरूरी है सही जानकारी

कंपनी के अनुसार उपभोक्ताओं के बैंक खाते, आधार कार्ड और बिजली बिल में दर्ज नाम एक समान होना चाहिए. यदि नाम अलग-अलग पाए जाते हैं तो सब्सिडी जारी होने में परेशानी या देरी हो सकती है.

स्मार्ट मीटर से बढ़ी उपभोक्ताओं की बचत

1 दिसंबर 2024 से योजना के तहत लगाए जाने वाले सभी सौर संयंत्रों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं.ये स्मार्ट मीटर मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एसओआर रेट पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इससे उपभोक्ताओं को सोलर वेंडर को किए जाने वाले भुगतान में करीब 6 से 8 हजार रुपए तक की अतिरिक्त बचत हो रही है.

मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ रही सौर ऊर्जा 

परियोजनाएं राज्य को हरित ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ा रही हैं.साथ ही यह योजना आम लोगों के लिए बिजली खर्च कम करने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता हासिल करने का प्रभावी माध्यम बनती जा रही है.

 

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