राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल(File Photo: ITG)बिहार सरकार ने सरकारी जमीन की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकारी जमीन को गलत तरीके से किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया गया तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस समस्या पर जल्द ही नया कानून लाने जा रही है.
मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुपौल, रोहतास और पटना जिले की राजस्व कार्यों की समीक्षा की. समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन की बंदरबांट अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जमीन विकास की बुनियाद है, इसलिए इसकी सुरक्षा और सही रिकॉर्ड रखना हर अधिकारी की जिम्मेदारी है. उन्होंने चेतावनी दी कि जमीन से जुड़े मामलों में लापरवाही, देरी या मिलीभगत करने वालों पर गंभीर कार्रवाई होगी.
मंत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी जमीन की सुरक्षा और उसके सही रिकॉर्ड को सर्वोच्च प्राथमिकता दें. बैठक में विभाग के सचिव जय सिंह ने भी सभी लंबित मामलों को निर्धारित समयसीमा के अंदर निपटाने का निर्देश दिया. डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि भूमिहीन परिवारों को वास की जमीन उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य है. इस काम में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
मंत्री ने समीक्षा के दौरान म्यूटेशन, परिमार्जन, ई-मापी, अभियान बसेरा, सरकारी जमीन सत्यापन और जन शिकायतों समेत विभिन्न लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जमीन से जुड़ा हर काम अब केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाएगा. यदि कोई अधिकारी अभी भी ऑफलाइन तरीके से काम करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि जनता के कार्यों में देरी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है. इसलिए सभी लंबित मामलों का तत्काल निपटारा किया जाए.
डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को 15 दिनों का समय देते हुए कहा कि इस अवधि में स्पष्ट सुधार दिखना चाहिए. अगली समीक्षा में प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा. उन्होंने पटना जैसे बड़े जिले के अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देश दिया कि वे रैंकिंग में सुधार लाएं और नियमित मॉनिटरिंग करें.
मंत्री ने कहा कि सभी जिलों को टॉप-10 में स्थान बनाने का लक्ष्य लेकर काम करना होगा. बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी भागीदारी रही. इस समीक्षा बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे. सरकार का स्पष्ट संदेश है कि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्था अब बिहार की राजस्व व्यवस्था की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
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