बिहार में गन्ने की खेती को बढ़ावाबिहार में गन्ने की खेती को ज्यादा उत्पादन और बेहतर क्वालिटी से जोड़ने की तैयारी है. इसी कड़ी में राज्य के 40 किसान आधुनिक गन्ना उत्पादन की तकनीक सीखने के लिए लखनऊ पहुंचे हैं. भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में होने वाले प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट के दौरान किसान खेती की नई पद्धतियों को करीब से समझेंगे और विशेषज्ञों से उत्पादन बढ़ाने के तरीके जानेंगे. इन किसानों का चयन तिरुपति चीनी मिल, हरिनगर चीनी मिल और लौरिया चीनी मिल से जुड़े क्षेत्रों से किया गया है. प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों को ऐसी तकनीकों से परिचित कराना है, जिन्हें वे वापस लौटकर अपने खेतों में इस्तेमाल कर सकें.
लखनऊ में किसानों को गन्ने की उन्नत प्रजातियों के साथ वैज्ञानिक खेती की जानकारी दी जाएगी. प्रशिक्षण में फसल प्रबंधन, आधुनिक कृषि तकनीक और बेहतर उत्पादन से जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर विशेषज्ञों के साथ चर्चा होगी. किसानों के लिए इस तरह का एक्सपोजर इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि सिर्फ अच्छी प्रजाति का चयन पर्याप्त नहीं होता है. खेत की तैयारी, पौधों का प्रबंधन, सिंचाई और दूसरी कृषि गतिविधियों का सही तालमेल भी उत्पादन पर असर डालता है. प्रशिक्षण में इन्हीं पहलुओं को व्यावहारिक तरीके से समझने का मौका मिलेगा.
गन्ना उद्योग विभाग की योजना सिर्फ किसानों को प्रशिक्षण देने तक सीमित नहीं है. कोशिश यह है कि किसान वहां सीखी तकनीकों को अपने खेतों में आजमाएं. रविवार को सहायक निदेशक ईख विकास, बगहा अभय कुमार शर्मा और सहायक महाप्रबंधक गन्ना एनपी सिंह ने किसानों के दल को ट्रेन से लखनऊ के लिए रवाना किया. अधिकारियों ने किसानों से प्रशिक्षण के दौरान तकनीकी जानकारी को गंभीरता से समझने और लौटने के बाद उसका इस्तेमाल खेती में करने को कहा. इससे स्थानीय स्तर पर दूसरे किसानों तक भी नई तकनीकों के पहुंचने की उम्मीद है.
बिहार में चीनी उद्योग को विस्तार देने की तैयारी भी चल रही है. सरकार ने राज्य में 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने की दिशा में पहल शुरू की है. इनमें दरभंगा के रैयाम और मधुबनी के सकरी में चीनी मिल लगाने के लिए निजी कंपनियों के साथ समझौता हो चुका है. फिलहाल राज्य में 10 चीनी मिलें चालू हालत में हैं. नई मिलों के आने और मौजूदा मिलों के संचालन को देखते हुए आने वाले वर्षों में गन्ने की मांग बढ़ना तय है. ऐसे में किसानों की उत्पादकता बढ़ाना चीनी उद्योग के लिए भी जरूरी है.
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