मुख्यमंत्री नीतीश कुमारबिहार विधानसभा में पेश किए गए राज्य बजट 2026-27 में किसानों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य के किसानों को 3,000 रुपये सालाना अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की है. सरकार ने कहा है कि इस कदम से छोटे और सीमांत किसानों की आय को सीधा सहारा मिलेगा और खेती की लागत का दबाव कम होगा.
वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बजट भाषण में कहा कि राज्य सरकार कृषि रोड मैप 4 पर तेजी से काम कर रही है और किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है. बढ़ती महंगाई, बीज, खाद और डीज़ल की कीमतों को देखते हुए यह अतिरिक्त सहायता किसानों के लिए समय पर मदद साबित होगी.
मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि की यह अतिरिक्त राशि केंद्र सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि योजना के साथ मिलकर किसानों की कुल सालाना सहायता को बढ़ाएगी. अब किसानों को 6000 रुपये के अलावा 3000 रुपये की अतिरिक्त राशि मिलेगी. बजट में सिंचाई, हर खेत तक पानी, ग्रामीण सड़कों और बिजली आपूर्ति को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि कृषि उत्पादन और किसानों की आमदनी दोनों में इजाफा हो.
बिहार का कुल बजट आकार इस वर्ष ₹3.47 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जो अब तक का सबसे बड़ा बजट है. सरकार ने कहा है कि विकास के साथ-साथ कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को केंद्र में रखकर खर्च बढ़ाया गया है. बता दें कि एनडीए ने चुनावी घोषणा पत्र में किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने का वादा किया था. एनडीए ने योजना का नाम कर्पूरी ठाकुर के नाम पर रखने की बात कही थी.
सड़क, पुल, बिजली, पानी और भवन जैसे कामों के लिए ₹63,455 करोड़ का पूंजीगत खर्च रखा गया है.
स्कूल और कॉलेज शिक्षा के लिए ₹68,216 करोड़, जो किसी भी विभाग से सबसे ज्यादा है.
स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास पर फोकस, स्वास्थ्य के लिए ₹21,270 करोड़ और ग्रामीण विकास के लिए ₹23,701 करोड़ का प्रावधान
मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को ₹3,000 सालाना अतिरिक्त देने की घोषणा
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को ₹10,000 से लेकर ₹2 लाख तक की आर्थिक सहायता/ऋण
सरकार का दावा- 2025 से 2030 के बीच 1 करोड़ रोजगार अवसर तैयार किए जाएंगे
हर खेत तक पानी, गंगा जल सप्लाई योजना और बिजली उत्पादन–खपत बढ़ाने पर जोर
अनुसूचित जाति के लिए ₹19,603 करोड़ और जनजाति के लिए ₹1,648 करोड़ का प्रावधान
घाटा नियंत्रण में राज्य का राजकोषीय घाटा 3% से कम रखा गया है, यानी वित्तीय स्थिति संतुलित बनी हुई है.
(शशि भूषण का इनपुट)
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today