'गुजरात में PMFBY क्‍यों नहीं है लागू?' कांग्रेस नेता ने दागे सवाल, किसानों के लिए मांगा मुआवजा

'गुजरात में PMFBY क्‍यों नहीं है लागू?' कांग्रेस नेता ने दागे सवाल, किसानों के लिए मांगा मुआवजा

गुजरात में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) लागू नहीं होने को लेकर कांग्रेस के पूर्व सांसद शक्तिसिंह गोहिल ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने किसानों को पूरा मुआवजा देने, सरकार से माफी मांगने और राज्य में तत्काल PMFBY लागू करने की मांग की है.

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'गुजरात में PMFBY क्‍यों नहीं है लागू?' कांग्रेस नेता ने दागे सवाल, किसानों के लिए मांगा मुआवजाकांग्रेस ने PMFBY को लेकर सरकार पर दागे सवाल

गुजरात में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) लागू नहीं होने को लेकर कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सांसद शक्तिसिंह गोहिल ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के किसानों को केंद्र की महत्वपूर्ण फसल बीमा योजना से वंचित रखा गया, जिससे प्राकृतिक आपदाओं के दौरान उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल सकी. गोहिल ने मांग की कि पिछले साल बेमौसम बारिश और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को पूरा मुआवजा दिया जाए और सीमित मुआवजा देने के लिए राज्य सरकार किसानों से माफी मांगे.

केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री के पत्र का किया हवाला

शक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि उन्होंने 5 दिसंबर 2025 को राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान गुजरात के किसानों को बेमौसम बारिश से हुए नुकसान के मुआवजे का मुद्दा उठाया था. इसके जवाब में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री राम नाथ ठाकुर ने पत्र लिखकर बताया कि गुजरात सरकार ने वर्ष 2019-20 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लागू नहीं किया है. इसी कारण केंद्र सरकार इस योजना के तहत राज्य के किसानों को मुआवजा देने की स्थिति में नहीं है.

पत्र में स्पष्ट किया गया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बुआई से लेकर कटाई तक फसल को हुए नुकसान पर व्यापक मुआवजे का प्रावधान है. लेकिन, गुजरात में यह योजना लागू नहीं होने के कारण किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. गोहिल ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में गुजरात के मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजकर योजना लागू करने का आग्रह किया था, लेकिन राज्य सरकार की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला.

शिवराज सिंह चौहान के पत्र का भी किया जिक्र

कांग्रेस नेता ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को भेजे गए पत्र का भी हवाला दिया. उन्होंने बताया कि पत्र में कहा गया है कि देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू है. गुजरात में यह योजना वर्ष 2016 से 2019-20 तक लागू रही, लेकिन बाद में राज्य सरकार ने अपनी अलग फसल सहायता योजना लागू कर दी, जिसमें केंद्र सरकार का कोई वित्तीय योगदान नहीं है.

केंद्र ने योजना पर पुनर्विचार का किया आग्रह

पत्र के अनुसार, केंद्रीय कृषि मंत्रालय लगातार गुजरात सरकार से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को दोबारा लागू करने का आग्रह करता रहा है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से वर्ष 2026 से योजना को फिर से लागू करने के लिए हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था, ताकि राज्य के किसानों को तकनीक आधारित और व्यापक फसल बीमा व्यवस्था का लाभ मिल सके.

मुख्यमंत्री किसान सहाय योजना पर भी उठाए सवाल

शक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि गुजरात में फिलहाल किसानों के लिए मुख्यमंत्री किसान सहाय योजना लागू है, लेकिन कांग्रेस का मानना है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना इससे अधिक व्यापक और किसान हितैषी है. उन्होंने राज्य सरकार से पूछा कि अगर केंद्र सरकार खुद पीएम फसल बीमा योजना को बेहतर बता रही है तो फिर गुजरात के किसानों को इससे दूर क्यों रखा गया? उन्होंने सरकार से यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि क्या राज्य की मौजूदा योजना वास्तव में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से बेहतर है.

किसानों को पूरा मुआवजा देने की मांग

पूर्व सांसद शक्तिसिंह गोहिल ने मांग की कि पिछले वर्ष बेमौसम बारिश और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को पूरा मुआवजा दिया जाए. साथ ही राज्य सरकार किसानों से माफी मांगे और गुजरात में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को तत्काल लागू करे, ताकि भविष्य में किसानों को प्राकृतिक आपदाओं के समय व्यापक बीमा सुरक्षा और उचित मुआवजा मिल सके.

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