'गंदा आदमी, गंदी बात ही करेगा...', इंडिया-यूएस ट्रेड डील पर आपस में भ‍िड़े दो किसान नेता, जानें पूरा मामला

'गंदा आदमी, गंदी बात ही करेगा...', इंडिया-यूएस ट्रेड डील पर आपस में भ‍िड़े दो किसान नेता, जानें पूरा मामला

भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर किसान संगठनों में मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी और एमएसपी कमेटी सदस्य गुणी प्रकाश ने वीडियो बयानों में एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं. जानें क्‍या है पूरा मामला...

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'गंदा आदमी, गंदी बात ही करेगा...', इंडिया-यूएस ट्रेड डील पर आपस में भ‍िड़े दो किसान नेता, जानें पूरा मामलाकिसान नेताओं में जुबानी जंग

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर किसान संगठनों के बीच मतभेद अब सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप की शक्ल ले चुके हैं. भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी और एमएसपी कमेटी के सदस्य गुणी प्रकाश के बीच वीडियो बयानों के जरिए तीखी बहस छिड़ गई है. दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर सरकार का एजेंट होने और किसान हितों से समझौता करने का आरोप लगाया है.

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कुछ किसान नेताओं को 4 अगस्‍त को  बातचीत के लिए समय दिया था. इससे एक दिन पहले गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने वीडियाे जारी कर आरोप लगाया कि इस बैठक में शामिल किसान नेता प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील को समर्थन देंगे.

चढ़ूनी ने वीडियो जारी कर कहा कि तीन बार समय मांगने के बावजूद कृषि मंत्री ने उनके संगठन को मुलाकात का समय नहीं दिया, जबकि इन ‘सरकार समर्थक किसान नेताओं’ को मिलने के लिए बुलाया. गुरनाम चढ़ूनी सिंह चढ़ूनी ने कहा कि ट्रेड डील फाइनल हुई तो इसके लिए कृषि मंत्री जिम्‍मेदार होंगे.

चढ़ूनी ने भूपि‍ंदर सिंह मान को बताया 'गद्दारों का सरगना'

चढ़ूनी ने अपने फेसबुक पोस्‍ट में किसान नेता भूपि‍ंदर सिंह मान का नाम लेते हुए उन्हें "गद्दारों का सरगना" बताया. उन्‍होंने दावा किया कि दिल्ली में हुए किसान आंदोलन के दौरान किसानों ने इनको खदेड़ा था और अब वही गुट सरकार के साथ मिलकर ट्रेड डील लागू कराने में जुटा है. 

शरद जोशी और WTO का जिक्र कर साधा निशाना

अपने वीडियो में गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने पुराने किसान नेता शरद जोशी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने (जोशी) ने WTO के फैसले लागू कराने की वकालत की थी और बदले में उन्हें सरकार की किसान टास्क फोर्स का अध्यक्ष बनाया गया था. चढ़ूनी के मुताबिक, मौजूदा ट्रेड डील समर्थक नेता भी उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं और निजी लाभ के लिए किसानों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं. उन्‍होंने यह भी दावा किया कि इनमें से एक नेता हरियाणा के मुख्यमंत्री से मिलकर डील के समर्थन में ज्ञापन दे चुका है.

पिछली एमएसपी कमेटी पर भी उठाए सवाल

चढ़ूनी ने पिछले किसान आंदोलन के दौरान गठित एमएसपी कमेटी पर भी सवाल खड़े किए. उनका आरोप है कि उस कमेटी में शामिल कुछ लोग किसान नेता के रूप में पेश किए गए, लेकिन असल में वे सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं. चढ़ूनी ने इन नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि छोटे-मोटे लाभ या प्रचार पाने की चाहत में ये पूरे किसान वर्ग के हितों से समझौता कर रहे हैं.

गुणी प्रकाश ने चढ़ूनी पर किया पलटवार

वहीं, गुरनाम सिंह चढ़ूनी के आरोपों पर पलटवार करते हुए किसान नेता गुणी प्रकाश ने कहा कि ‘गंदा आदमी गंदी बात ही कहेगा’. उन्‍होंने दावा किया कि गुरनाम सिंह चढ़ूनी को विदेशी संगठनों और नेताओं से लगातार चंदा मिलता रहा है. गुणी प्रकाश ने आरोप लगाया कि चढ़ूनी पहले कांग्रेस नेताओं, फिर आम आदमी पार्टी और उसके बाद अभय चौटाला के चुनाव अभियान से जुड़े रहे हैं और उनसे पैसे लिए हैं.

शरद जोशी के अपमान पर भड़के गुणी प्रकाश

गुणी प्रकाश ने चढ़ूनी पर किसान नेता शरद जोशी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए कड़ी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि उन्‍हें पहले भी किसान आंदोलनों के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा है और उनकी छवि को लेकर सवाल उठते रहे हैं. गुणी प्रकाश ने चढ़ूनी की राजनीतिक यात्रा पर तंज कसते हुए दावा किया कि हाल में हुए एक चुनाव में उन्हें बेहद कम वोट मिले थे, वह पंचायत सदस्‍य बनने के लायक भी नहीं है.

एमएसपी सदस्यता पर क्‍या बोले गुणी प्रकाश?

गुणी प्रकाश ने अपनी एमएसपी कमेटी सदस्यता का बचाव करते हुए कहा कि यह पद उन्हें उनकी क्षमता के आधार पर मिला है. उन्होंने आरोप लगाया कि किसान आंदोलन के दौरान सैकड़ों किसानों की मौत हुई, लेकिन इसका राजनीतिक इस्तेमाल कुछ नेताओं ने अपने हित के लिए किया. उन्होंने कहा कि हम मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री सब से बातचीत करेंगे. वो जो यूए से होने वाली ट्रेड डील का विरोध कर रहे हैं, पहले उसके बारे में जानकारी भी हासिल करें तब कुछ बोलें, सिर्फ विरोध कर अफवाह न फैलाएं. 

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