US ट्रेड डील पर आंदोलन नहीं, बातचीत करें किसान: पंजाब BJP अध्यक्ष का न्योता

US ट्रेड डील पर आंदोलन नहीं, बातचीत करें किसान: पंजाब BJP अध्यक्ष का न्योता

पंजाब BJP अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने किसान संगठनों को भारत-US ट्रेड डील पर आंदोलन के बजाय बातचीत के लिए बुलाया. उन्होंने कहा कि गेहूं, धान, मक्का और गन्ना डील से बाहर हैं और इससे पंजाब के किसानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, बल्कि इंडस्ट्री और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा.

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US ट्रेड डील पर आंदोलन नहीं, बातचीत करें किसान: पंजाब BJP अध्यक्ष का न्योताभारत-अमेरिका ट्रेड डील के क्या-क्या फायदे. (Photo: ITG)

भारतीय जनता पार्टी (BJP) पंजाब के प्रेसिडेंट सुनील जाखड़ ने किसान संगठनों को बातचीत के लिए बुलाया है. उन्होंने कहा है कि अगर उन्हें भारत-US ट्रेड एग्रीमेंट में कोई कमी दिखती है, तो उन्हें आंदोलन के बजाय बातचीत का रास्ता चुनना चाहिए. उन्होंने दोहराया कि इस एग्रीमेंट का किसानों, खासकर पंजाब के किसानों पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा, बल्कि इससे इंडस्ट्री और ट्रेड को फायदा होगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए मौके बनेंगे.

चंडीगढ़ में बुधवार को BJP जिला एग्जीक्यूटिव मेंबर्स और साहिबजादा अजीत सिंह नगर और रोपड़ के मंडल प्रेसिडेंट के साथ ट्रेड एग्रीमेंट के बारे में डिटेल में जानकारी देने के लिए हुई मीटिंग के बाद मीडिया से बात करते हुए, BJP प्रदेश प्रेसिडेंट ने फिर जोर दिया कि पंजाब में उगाई जाने वाली फसलें—जैसे गेहूं, धान, मक्का और गन्ना—एग्रीमेंट के दायरे से बाहर रखी गई हैं और इससे किसानों पर किसी भी तरह का असर नहीं पड़ेगा.

ट्रेड डील से रोजगार के मौके बनेंगे

सुनील जाखड़ ने कहा कि आज हर किसान मानता है कि खेती कोई बहुत ज्यादा मुनाफे वाला काम नहीं है. हालांकि इससे परिवार का गुजारा तो होता है, लेकिन इससे इतनी इनकम नहीं होती कि उनके बच्चों की उम्मीदें पूरी हो सकें. हर परिवार चाहता है कि उनके बच्चे खेती के अलावा कोई और काम करें. हालांकि, यह तभी मुमकिन होगा जब नई इंडस्ट्री लगेंगी और ट्रेड बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि यह डील उसी दिशा में एक कदम है, क्योंकि इससे भारत की इंडस्ट्री और ट्रेड को $30 ट्रिलियन की US इकॉनमी तक एक्सेस मिलेगा. जैसे-जैसे इंडस्ट्री और ट्रेड बढ़ेंगे, युवाओं के लिए रोजगार के नए मौके बनेंगे.

BJP प्रेसिडेंट ने किसान ग्रुप्स से अपील की कि वे साफ-साफ बताएं कि उनके हिसाब से इस डील का पंजाब के किसानों पर क्या असर पड़ेगा. उन्होंने उन्हें बातचीत के लिए बुलाया, और भरोसा दिलाया कि अगर किसी किसान ऑर्गनाइजेशन को लगता है कि इस एग्रीमेंट से पंजाब के किसानों पर असर पड़ेगा, तो वे बातचीत के लिए आगे आएं, और उनकी सभी चिंताओं को दूर किया जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि बातचीत का रास्ता बंद होने के बाद ही विरोध किया जाता है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से कमिटेड हैं, और इसी इरादे ने यह पक्का किया है कि इस एग्रीमेंट में पंजाब के किसानों के हितों की रक्षा हो.

डील में पंजाब के किसानों के खिलाफ कुछ नहीं

BJP प्रेसिडेंट ने किसान ग्रुप्स से पंजाब में एग्रीकल्चर पॉलिसी लागू करने के लिए दबाव डालने की भी अपील की, जिसका किसानों ने एक साल पहले विरोध किया था लेकिन अभी तक लागू नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि राज्य में लॉ-एंड-ऑर्डर की स्थिति काफी खराब हो गई है और नशा अगली पीढ़ी को बर्बाद कर रहा है. उन्होंने कहा कि अगर विरोध प्रदर्शन करने ही हैं, तो उन्हें इन असली मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, न कि किसी ऐसे मुद्दे पर जो है ही नहीं, क्योंकि इस डील में पंजाब के खिलाफ कुछ भी नहीं है. खुद एक किसान के तौर पर बोलते हुए, उन्होंने पूरे भरोसे के साथ यह बात कही.

उन्होंने आगे कहा कि जहां US प्रेसिडेंट अमेरिका को फिर से महान बनाने की बात कर रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मौजूदा ग्लोबल हालात में, इस समझौते के जरिए देश के हितों की रक्षा करते हुए भारत को महान बनाने की पॉलिसी को कामयाबी से आगे बढ़ाया है, जिसके लिए वे तारीफ के हकदार हैं.

पंजाब सरकार पर तीखा हमला

एक सवाल के जवाब में, उन्होंने मोगा में दो प्रवासी मजदूरों पर हुई फायरिंग की घटना की निंदा की. उन्होंने कहा कि पहले बिजनेस करने वालों को ऐसे हालात का सामना करना पड़ रहा था, और अब मजदूरों को भी निशाना बनाया जा रहा है. राज्य सरकार को जगाने की अपील करते हुए, उन्होंने कहा कि ऐसे बांटने वाले कामों पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए, क्योंकि ये सिख गुरुओं की सिखाई सोच के खिलाफ हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पंजाब की इंडस्ट्री और खेती में प्रवासी मजदूरों की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

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