कांग्रेस सांसद राहुल गांधीसंसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर 'भारत माता' को बेचने का आरोप लगाया और भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट को एकतरफा बताया, जिससे किसानों के हितों को नुकसान हुआ है. केंद्रीय बजट पर बहस में हिस्सा लेते हुए उन्होंने ट्रेड एग्रीमेंट का जिक्र करते हुए कहा, "आपने भारत को बेच दिया है. क्या आपको भारत को बेचने में शर्म नहीं आती? आपने हमारी मां, भारत माता को बेच दिया है."
उन्होंने कहा कि किसानों के हितों से समझौता किया गया है क्योंकि अमेरिका से कृषि उत्पाद भारतीय बाजारों में भर जाएंगे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय कपड़ा उद्योग "खत्म" हो गया है.
राहुल गांधी ने कहा, इतिहास में पहली बार हमारे किसान तूफान का सामना कर रहे हैं. आपने गरीब किसानों को कुचलने का दरवाजा खोल दिया है, किसी पीएम ने ऐसा कभी नहीं किया. इंडिया ब्लॉक सरकार ने ट्रंप से कहा होता 'हम अपने किसानों की रक्षा करेंगे'. अमेरिकी मक्का, सोयाबीन के लिए आपने दरवाजा खोल दिया है. मैकेनाइज्ड अमेरिकन फार्म्स के लिए दरवाजा खोल दिया है, हर फार्म पर हजारों-हजारों एकड़ की खेती होती है.
उन्होंने आरोप लगाया, आपने हमारे गरीब किसानों को कुचलने का दरवाजा खोल दिया है. यह, यह शर्मनाक है. यह शर्मनाक है, किसी भी प्राइम मिनिस्टर ने पहले कभी ऐसा नहीं किया. और मैं आपको बता दूं, आपके बाद कोई भी प्राइम मिनिस्टर ऐसा कभी नहीं करने वाला है. ऐसी स्थिति में हम एक तूफान का सामना कर रहे हैं.
PM मोदी पर एक और हमला करते हुए, गांधी ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि आम हालात में प्रधानमंत्री "भारत को बेच देंगे", लेकिन उन्होंने दावा किया कि उन पर बाहरी दबाव डाला जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की आंखों में डर दिख रहा था और "एपस्टीन फाइल्स" के बंद होने का जिक्र किया, जिससे पता चलता है कि कोई अनजान दबाव काम कर रहा है.
राहुल गांधी ने कहा, "दिलचस्प बात यह है कि मुझे पता है कि आम हालात में प्रधानमंत्री भारत को नहीं बेचेंगे. आप जानते हैं उन्होंने भारत को क्यों बेचा? क्योंकि वे उनका गला घोंट रहे हैं. उन्होंने उनकी गर्दन पकड़ रखी है... हम प्रधानमंत्री की आंखों में डर देख सकते हैं. दो बातें हैं- पहली, एपस्टीन. 3 मिलियन फाइलें अभी भी बंद हैं."
टैरिफ पर चिंता जताते हुए, गांधी ने कहा कि एवरेज टैरिफ लगभग 3 परसेंट से बढ़कर 18 परसेंट हो गया है, जो 6 गुणा की बढ़ोतरी है. साथ ही, उन्होंने दावा किया कि भारत में अमेरिकी इंपोर्ट USD 46 बिलियन से बढ़कर USD 146 बिलियन होने का अनुमान है. उन्होंने इस स्थिति को "बेतुका" बताया और आरोप लगाया कि भारत बदले में कोई पक्का वादा किए बिना हर साल लगभग 100 बिलियन डॉलर का इंपोर्ट बढ़ाने का वादा कर रहा है.
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