फसल बीमा योजना को लेकर सियासत तेज (सांकेतिक तस्वीर)पंजाब में बीते खरीफ सीजन में भारी बारिश और बाढ़ से भारी नुकसान हुआ था. वहीं, अब मार्च-अप्रैल में रबी फसलों को बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है. इस बीच, एक बार फिर राज्य में फसल बीमा योजना की मांग तेज हो गई है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने राज्य सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा है कि 13 अप्रैल को बुलाए गए विशेष विधानसभा सत्र में फसल बीमा योजना लागू करने की घोषणा की जानी चाहिए. उन्होंने इस बारे में मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र भी लिखा है और तत्काल फैसला लेने की मांग की है.
जाखड़ ने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) लागू कर चुकी है, लेकिन पंजाब में इसे अब तक नोटिफाई नहीं किया गया है. यह देरी किसानों के साथ अन्याय के समान है, क्योंकि प्राकृतिक आपदाओं के समय उन्हें सुरक्षा नहीं मिल पा रही है.
उन्होंने बताया कि राज्य में हाल के दिनों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ है. इससे पहले 2023 और 2025 में आई बाढ़ ने भी व्यापक तबाही मचाई थी. जाखड़ ने कहा कि बीमा योजना न होने के कारण बड़ी संख्या में किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिल सका है और वे आर्थिक अनिश्चितता में जी रहे हैं.
जाखड़ ने याद दिलाया कि करीब तीन साल पहले राज्य सरकार ने केंद्र की योजना की जगह अपनी कृषि बीमा योजना लाने की घोषणा की थी. हालांकि, अब तक यह योजना जमीन पर नहीं उतर पाई है, जबकि किसानों को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है.
उन्होंने कहा कि 13 अप्रैल को बुलाए गए विशेष विधानसभा सत्र में सरकार को अपना वादा पूरा करना चाहिए और बिना देरी के फसल बीमा योजना की घोषणा करनी चाहिए, ताकि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान किसानों को राहत मिल सके. जाखड़ ने सुझाव दिया कि अगर राज्य की आर्थिक स्थिति कमजोर है तो तुरंत केंद्र की फसल बीमा योजना लागू की जाए, जो अन्य राज्यों में पहले से लागू है और किसानों के लिए उपयोगी साबित हुई है.
उन्होंने राज्य सरकार पर कानून व्यवस्था, उद्योग और व्यापार के माहौल को लेकर भी सवाल उठाए. साथ ही आरोप लगाया कि कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का लाभ नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जहां केंद्र और अन्य राज्य 58 प्रतिशत डीए दे रहे हैं, वहीं पंजाब में यह केवल 42 प्रतिशत है. जाखड़ ने राज्य सरकार से कर्मचारियों और पेंशनर्स का लंबित डीए तुरंत जारी करने की मांग करते हुए कहा कि इससे हजारों परिवारों को आर्थिक राहत मिल सकेगी. (पीटीआई)
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