हुबली में केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी के निवास के बाहर सुरक्षा बढ़ी (फोटो/एएनआई)कर्नाटक में गन्ने की कीमत बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है. किसानों ने बड़ी संख्या में आज बेलगावी, बागलकोट, विजयपुरा और धारवाड़ जिलों में कई जगह नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया. इससे पुणे-बेंगलुरु हाईवे और राष्ट्रीय राजमार्ग-50 समेत प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हो गया. किसान गन्ने की कीमत बढ़ाने, उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) तय करने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग कर रहे हैं.
किसान नेताओं ने सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक की थी, लेकिन गन्ने की कीमतों को लेकर तत्काल कोई फैसला नहीं हो सका. इसके बाद किसानों ने अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हाईवे पर उनका विरोध जारी रहेगा.
बेलगावी जिले के हुक्केरी तालुक में हट्टार्गी टोल प्लाजा के पास किसानों ने पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों कैरिजवे पर जाम लगा दिया. जिले के कुगनोली चेकपोस्ट और हिरेबागेवाड़ी टोल प्लाजा के पास भी प्रदर्शन हुए. आंदोलन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी वाहनों के सामने लेट गए, जिससे यातायात की आवाजाही रोक दी गई.
बागलकोट जिले में किसानों ने गोविंदा पट्टी के पास रायचूर-सोलापुर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया. इससे ट्रकों समेत दूसरे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई. वहीं, विजयपुरा जिले के निदागुंडी कस्बे के बाहरी इलाके में हसिरु सेना से जुड़े किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-50 पर प्रदर्शन किया. इसके चलते विजयपुरा और बेंगलुरु के बीच यातायात प्रभावित हुआ.
धारवाड़ जिले में किसान संगठनों ने पल्लीकोप्पा के पास हाईवे जाम करने का आह्वान किया. इसके मद्देनजर पुलिस ने एहतियात के तौर पर अतिरिक्त बल तैनात किया, जिसमें कर्नाटक राज्य रिजर्व पुलिस के जवान भी शामिल थे. पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की, लेकिन किसान मांगें पूरी होने तक नाकेबंदी जारी रखने पर अड़े रहे.
केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को किसान नेताओं के साथ बैठक के बाद उनसे आंदोलन वापस लेने की अपील की. उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार किसानों की समस्याओं पर विचार करेगी. जोशी ने कहा कि इस मुद्दे का समाधान केवल एक या दो मंत्रालयों के स्तर पर नहीं हो सकता, क्योंकि इसमें कई मंत्रालयों और राज्य सरकारों की भूमिका है.
उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उन्होंने किसान नेताओं की शिकायतें सुनी हैं. इन मुद्दों की जांच के लिए एक समिति गठित की जाएगी. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कीमतें तय करने से पहले राज्य सरकारों से आधिकारिक जानकारी ली जाती है और इसमें कई पहलुओं पर विचार करना पड़ता है.
वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी सोमवार रात केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों की मांग गन्ने का दाम बढ़ाने की है और इस संबंध में राज्य में किसानों की स्थिति और चीनी मिलों की हालत पर बातचीत हुई है. डीके शिवकुमार ने कहा कि यह मामला केवल कर्नाटक तक सीमित नहीं है. इस पर दूसरे राज्यों से भी विचार-विमर्श करना होगा. उन्होंने बताया कि संबंधित पक्षों ने सभी से बातचीत करने और उसके बाद निर्णय लेने की बात कही है. (पीटीआई)
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