धरने पर बैठे किसानपंजाब के संगरूर में भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान विरोध-प्रदर्शन पर उतर आए हैं. 13 मांगों को लेकर बड़ी संख्या में किसान डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं. प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को कार्यालय के तीनों गेट बंद कर दिए और अधिकारियों और कर्मचारियों को अंदर जाने से रोक दिया. प्रदर्शन में महिला किसान भी बड़ी संख्या में शामिल हैं.
किसानों ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर पिछले दिन से ही डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं. रात में किसानों ने संगरूर की डिप्टी कमिश्नर पूनमदीप कौर के आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन रात करीब 10 बजे तक चला. इसके बाद किसानों ने पुतला जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया.
मंगलवार सुबह से ही बड़ी संख्या में किसान और महिला किसान डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर डटे हुए हैं. प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय के तीनों गेट बंद कर रखे हैं. इसके चलते किसी अधिकारी या कर्मचारी को कार्यालय के अंदर जाने नहीं दिया जा रहा है. किसानों ने कहा है कि उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन मिलने तक धरना और कार्यालय बंद करने का आंदोलन जारी रहेगा.
धरने के दौरान महिला किसानों ने पंजाब सरकार पर भी सवाल उठाए. महिलाओं ने कहा कि सरकार एक हजार रुपये देने की बात करके 2027 के विधानसभा चुनाव में महिलाओं के वोट हासिल करना चाहती है. उन्होंने कहा कि महिलाएं केवल आर्थिक सहायता के नाम पर अपने अधिकारों और समस्याओं को नहीं भूलेंगी.
महिला किसानों ने कहा कि उन्हें केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अपने अधिकार चाहिए. उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से गांवों में नशे की गंभीर समस्या पर ध्यान देने की अपील की. महिलाओं ने कहा कि नशे की वजह से कई माताएं अपने बेटों को खो रही हैं और परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने संगरूर की डिप्टी कमिश्नर पूनमदीप कौर पर भी सवाल उठाए. महिलाओं ने कहा कि डीसी किसानों के मंच पर आकर उनकी समस्याओं को लेकर दो शब्द तक नहीं बोल सकतीं. उन्होंने सवाल किया कि क्या किसानों और उनके परिवारों की परेशानियां प्रशासन के लिए परेशानी नहीं हैं.
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से किसान संगठन को बैठक के संबंध में पत्र भेजा गया है. उनके मुताबिक, बैठक में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां शामिल होंगे.
हालांकि, प्रस्तावित बैठक की तारीख को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है. एक जानकारी के मुताबिक, पंजाब भवन में 13 अक्टूबर को सुबह 11 बजे बैठक होनी है, जबकि जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा है कि बैठक 11 अक्टूबर का होगी. ऐसे में फिलहाल तारीख पर सस्पेंस बना हुआ है.
जोगिंदर सिंह उगराहां ने पराली प्रबंधन को लेकर भी सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि प्रशासन किसानों के खेतों में पराली पर नजर रखने के लिए ड्रोन के इस्तेमाल की तैयारी कर रहा है, लेकिन पराली के उचित प्रबंधन और निपटारे के लिए ठोस व्यवस्था नहीं की जा रही है.
किसान नेता ने कहा कि किसानों पर लगातार कर्ज का बोझ बढ़ रहा है और सरकार की नीतियों के कारण खेती करना मुश्किल होता जा रहा है. जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि किसानों को खेती करना आता है और वे अपनी समस्याओं का समाधान निकालना भी जानते हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर प्रशासन पराली की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर सकता है, तो पराली के निपटारे के लिए प्रभावी व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है. (कुलवीर सिंह की रिपोर्ट)
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