Ajit Pawar Plane Crash: अजित पवार ने प्याज किसानों से क्यों मांगी थी माफी

Ajit Pawar Plane Crash: अजित पवार ने प्याज किसानों से क्यों मांगी थी माफी

महाराष्ट्र की राजनीति में प्याज एक बार फिर गेम चेंजर साबित हुई. एनसीपी नेता और उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने स्वीकार किया कि प्याज निर्यात पर प्रतिबंध से किसानों में नाराजगी बढ़ी और 2019 व 2024 के लोकसभा चुनावों में महायुति को भारी नुकसान हुआ. जानिए कैसे प्याज नीति ने चुनावी नतीजों की दिशा बदली.

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Ajit Pawar Plane Crash: अजित पवार ने प्याज किसानों से क्यों मांगी थी माफीएनसीपी नेता अजीत पवार

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार को ले जा रहा एक विमान बुधवार सुबह महाराष्ट्र के बारामती में लैंडिंग की कोशिश करते वक्त क्रैश हो गया. हादसे में अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की मौत हो गई. इस हादसे ने महाराष्ट्र की राजनीत‍ि का एक अध्याय खत्म हो गया. अजित पवार का खेती-किसानी से भी गहरा संबंध रहा है. वे कृष‍ि और क‍िसानों के मुद्दों पर मुखर रहते थे. पवार ही ऐसे पहले नेता थे ज‍िन्होंने सार्वजनिक तौर पर माना था कि प्याज किसानों के बीच असंतोष की वजह से 2019 के लोकसभा चुनावों में बड़ी कीमत चुकानी पड़ी.

जून 2024 में जब पुणे में पत्रकारों से बात करते हुए अजित पवार ने कहा था कि वे लगातार प्याज के लिए समर्थन मूल्य की जरूरत के बारे में बोल रहे थे. उनका कहना था कि किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के हितों की रक्षा की जानी चाहिए. अजित पवार ने कहा कि महायुति को जलगांव और रावेर को छोड़कर प्याज उत्पादक क्षेत्र की सभी लोकसभा सीटों पर हार का सामना करना पड़ा.

प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध

प्याज की खुदरा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था. इसकी वजह से किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया और नासिक क्षेत्र में यह प्रदर्शन काफी तेज थे. मई 2024 की शुरुआत में प्रतिबंध हटा लिए गए थे. शिवसेना और उसकी सहयोगी बीजेपी नासिक और डिंडोरी लोकसभा सीटें हार गईं. वहीं मराठवाड़ा में गठबंधन को सिर्फ एक सीट और विदर्भ में सिर्फ दो ही सीटें मिल सकीं.

उस वक्त की घटना से साफ है कि प्याज ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह राजनीति में गेम चेंजर साबित हो सकता है. साल 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों में बीजेपी को महाराष्‍ट्र के प्याज उत्पादक क्षेत्र में भारी नुकसान का सामना करना पड़ा. जिन 13 लोकसभा क्षेत्रों में प्याज किसानों की सबसे ज्यादा आबादी है, उनमें से 12 पर इंडिया ब्‍लॉक को जीत मिली थी. जबकि साल 2019 में हुए चुनावों में एनडीए ने इन 13 सीटों में से 11 सीटों पर विजय हासिल की थी जिसमें अकेले बीजेपी की सात सीटें थीं. वो चुनाव शिवसेना और बीजेपी ने साथ में मिलकर लड़ा था.

प्याज पर अजित पवार का बयान

नासिक जिले के नफाड़ में अगस्त 2024 में अपनी जनसम्मान यात्रा में किसानों की रैली को संबोधित करते हुए अजित पवार ने भरोसा दिलाया था कि अब प्याज के एक्सपोर्ट पर बैन नहीं लगेगा. उन्होंने प्याज किसानों को हर संभव मदद देने के लिए NCP और महायुति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया था.

अजित पवार ने कहा, "केंद्र सरकार के प्याज एक्सपोर्ट पर बैन लगाने के फैसले से महायुति (महागठबंधन) को बड़ा झटका लगा. लोकसभा चुनावों का झटका इतना जबरदस्त था कि हमारी कमर टूट गई. इसने महायुति को बुरी तरह प्रभावित किया और हमें कमजोर कर दिया... हमने गलती की और मैं इसके लिए माफी मांगता हूं," उन्होंने आगे कहा कि अब प्याज एक्सपोर्ट को रोका नहीं जाएगा.

उन्होंने कहा, "हमने प्याज एक्सपोर्ट पर बैन न लगाने का फैसला किया है. हमने किसानों के बिजली बिल माफ करने का भी फैसला किया है. सरकार ने दूध, कपास, सोयाबीन और चावल उगाने वाले किसानों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं."

NCP प्रमुख ने कहा, "हम यहां लंबी अवधि की राजनीति के लिए हैं, न कि छोटे-मोटे फायदे के लिए. अगर कल महिलाओं को (लाडली बहन योजना का) फायदा नहीं मिला तो वे मुझसे सवाल करेंगी. अगर कोई गलत कहानी फैलाता है, तो उसके झांसे में न आएं. सरकार ने कई कल्याणकारी और विकास योजनाओं को लागू करने के लिए 45,000 करोड़ रुपये रखे हैं." 

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