
तेजपत्ता हमारी रसोई में इस्तेमाल होने वाला एक आम मसाला है. इसे बार-बार बाजार से खरीदने के बजाय आप बालकनी, टैरेस या छोटे गार्डन में भी उगा सकते हैं. सही देखभाल मिलने पर इसका पौधा कई साल तक हरा-भरा रह सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं इसे गमले में कैसे उगाएं.

तेजपत्ते के पौधे की जड़ें धीरे-धीरे मजबूत होती हैं, इसलिए इसके लिए 14 से 16 इंच का बड़ा और मजबूत गमला चुनें. गमले में नीचे 3-4 छेद जरूर होने चाहिए, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकलता रहे और जड़ों में पानी जमा न हो, क्योंकि पानी जमा होने से पौधों को नुकसान होता है.

पौधे की अच्छी बढ़वार के लिए मिट्टी हल्की और पानी निकासी वाली होनी चाहिए. इसके लिए 40 फीसदी बगीचे की मिट्टी, 30 प्रतिशत सड़ी हुई गोबर की खाद या कम्पोस्ट, 20 परसेंट रेत और 10 फीसदी कोकोपीट या वर्मी कम्पोस्ट मिलाकर मिट्टी तैयार कर सकते हैं.

अगर आप जल्दी तेजपत्ते का पौधा तैयार करना चाहते हैं, तो नर्सरी से स्वस्थ और हरे पत्तों वाला पौधा खरीद सकते हैं. इसे पुराने गमले से सावधानी से निकालकर नए बड़े गमले में लगाएं और पौधा लगाने के बाद हल्का पानी और खाद दें.

तेजपत्ते का नया पौधा स्वस्थ शाखा की कटिंग से भी तैयार किया जा सकता है. इसके लिए मोटी और स्वस्थ शाखा लें, नीचे की पत्तियां हटा दें और कटिंग को करीब 3-4 इंच गहराई तक मिट्टी में लगा दें. उचित नमी मिलने पर कुछ समय बाद जड़ें विकसित हो सकती हैं.

तेजपत्ते का पौधा अच्छी धूप में बेहतर बढ़ता है. इसे बालकनी, छत या खुले आंगन में ऐसी जगह रखें जहां रोजाना करीब 5-6 घंटे धूप मिल सके. पर्याप्त रोशनी मिलने से पौधे की पत्तियां स्वस्थ और हरी बनी रहती हैं.

तेजपत्ते के पौधे को जरूरत से ज्यादा पानी देना नुकसानदायक हो सकता है. गर्मियों में आमतौर पर सप्ताह में 2-3 बार पानी दिया जा सकता है, जबकि सर्दियों और बारिश में मिट्टी की नमी देखकर ही पानी दें. मिट्टी लगातार गीली रहने पर जड़ें सड़ सकती हैं और पौधे की बढ़वार रुक सकती है.
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