
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़े युद्ध का असर अब पूरी दुनिया पर पड़ने लगा है. युद्द की वजह से दुनियाभर में तेल की किल्लत बढ़ती जा रही है. भारत भी इससे अछूता नहीं है. देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें नजर आ रही हैं.

महाराष्ट्र के जालना जिले के हसनाबाद इलाके में डीजल की भारी किल्लत देखने को मिल रही है. डीजल लेने के लिए पेट्रोल पंपों पर किसानों और आम लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है.

हालात ऐसे हैं कि किसान केन और ड्रम लेकर पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन फिर भी उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. हसनाबाद, पारध, पिंपलगांव रेनुकाई और वालसावंगी इलाके में डीजल की कमी के चलते स्थिति लगभग संकट जैसी बन गई है.

कई पेट्रोल पंपों पर तो डीजल पूरी तरह खत्म हो चुका है, जबकि जहां उपलब्ध है, वहां वाहनों की कतारें एक किलोमीटर तक लंबी नजर आ रही हैं. इस डीजल संकट का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है.

गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ ही खेतों में गेहूं की कटाई, मड़ाई, रोटावेटर और अन्य कृषि कार्य तेजी से चल रहे हैं. इन सभी कामों के लिए डीजल बेहद जरूरी है, लेकिन अचानक आई इस कमी के कारण खेती का काम प्रभावित हो रहा है.

कई किसान ट्रैक्टर लेकर घंटों लाइन में खड़े हैं, तो कुछ लोग केन में डीजल भरवाने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि अगर जल्द ही डीजल की आपूर्ति सुचारू नहीं हुई, तो खेती के काम पूरी तरह ठप हो सकते हैं.

वहीं, प्रशासन की ओर से अब तक इस समस्या पर कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है, जिससे नागरिकों और किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर डीजल संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठाता है. (गौरव विजय साली की रिपोर्ट)
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