
महाराष्ट्र के जालना जिले के राजूर में स्थित प्रसिद्ध राजुरेश्वर गणपति मंदिर में अंगारकी चतुर्थी के अवसर पर खास रौनक देखने को मिली. यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है, जहां सालभर भक्तों की भीड़ रहती है. इस खास मौके पर मंदिर को बहुत सुंदर तरीके से सजाया गया.

इस बार भगवान गणपति को 2 क्विंटल 51 किलो केसर आमों से सजाया गया. आमों की यह खास सजावट बहुत आकर्षक लग रही थी. गर्भगृह के पास आम की पत्तियों और फलों से सुंदर आरास की गई, जिससे पूरा मंदिर सुगंध और भक्ति से भर गया.

इस आयोजन में छत्रपति संभाजीनगर के Mahesh Thakkar ने 101 किलो आम भगवान को अर्पित किए. वहीं मंदिर के सेवकों ने अपनी बाग से लगभग 150 किलो आम चढ़ाए. यह सब मिलकर भगवान के प्रति श्रद्धा और भक्ति को दिखाता है.

मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत रोशनी से सजाया गया था. रात के समय मंदिर और भी ज्यादा सुंदर दिख रहा था. रोशनी और आमों की सजावट ने मंदिर की भव्यता को कई गुना बढ़ा दिया.

अंगारकी चतुर्थी के कारण रात से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं. भक्त “गणपति बप्पा मोरया” के जयघोष के साथ भगवान के दर्शन कर रहे थे. पूरा वातावरण भक्ति और उत्साह से भरा हुआ था.

भक्तों को आराम से दर्शन हो सके, इसके लिए मंदिर प्रशासन ने खास इंतजाम किए. पुलिस की तैनाती की गई और गर्मी को देखते हुए कूलर की व्यवस्था भी की गई. लोग लाइन में व्यवस्थित तरीके से दर्शन कर रहे थे.

अंगारकी चतुर्थी का दिन भगवान गणपति के लिए बहुत खास माना जाता है. इस दिन यहां भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है. इस बार आम के मौसम और इस खास तिथि के मेल ने इस उत्सव को और भी खास बना दिया, जिससे राजूर का यह मंदिर आस्था और भक्ति का अद्भुत केंद्र बन गया. (गौरव विजय साली का इनपुट)
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