
‘किसान तक’ का किसान कारवां आज बुलंदशहर जनपद के बिहटा गांव में पहुंचा, जहां किसानों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली. 75 जिलों में चल रही इस विशेष कवरेज में यह 74वां पड़ाव रहा. कार्यक्रम के दौरान जनपद के कृषि अधिकारियों ने किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी और उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया.

पहले चरण में एफपीओ की महिला संचालिका संतोष राजपूत ने बताया कि वह एक खिलाड़ी होने के साथ-साथ प्रगतिशील महिला किसान भी हैं. उन्होंने मिलेट (श्री अन्न) से कुकीज बनाकर मूल्य संवर्धन का उदाहरण पेश किया. साथ ही हाईटेक नर्सरी के माध्यम से फल और सब्जियों की पौध तैयार कर किसानों को उपलब्ध करा रही हैं.

दूसरे चरण में कृषि विज्ञान केंद्र बुलंदशहर के वैज्ञानिक डॉ. ललित कुमार ने किसानों को पराली न जलाने की सलाह दी. उन्होंने बताया कि पराली जलाने से मिट्टी के सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं और मिट्टी सख्त हो जाती है. इससे मिट्टी की उर्वरक छमता घट जाती है. उन्होंने हरी खाद, गोबर की खाद और अन्य जैविक खाद के प्रयोग पर जोर दिया.

तीसरे चरण में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने नंद बाबा योजना, नंदिनी योजना और मिनी नंदिनी योजना के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि नंदिनी योजना के तहत बड़े स्तर पर पशुपालन किया जाता है, जबकि मिनी नंदिनी में 10 देसी पशुओं का पालन किया जाता है, जिसके लिए एक हेक्टेयर जमीन आवश्यक है.

चौथे चरण में कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष और हेड डॉ. रेशु सिंह ने कहा कि जैसे हम अपने शरीर की जांच कराते हैं, उसी तरह खेत की मिट्टी की जांच भी जरूरी है. उन्होंने बताया कि मिट्टी को स्वस्थ रखने के लिए 17 पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, लेकिन किसान केवल 3 तत्वों पर ध्यान देते हैं.

पांचवें चरण में इफको एमसी के जिला प्रभारी बृजेश कुमार ने बताया कि कंपनी का उद्देश्य किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले और उचित दाम पर कीटनाशक उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि बाजार में कई बार किसान नकली या महंगे कीटनाशकों के कारण नुकसान झेलते हैं.

छठे चरण में प्रगतिशील किसान राकेश सिरोही ने बताया कि गन्ने की 0238 वैरायटी अब रोगग्रस्त हो चुकी है और रेड रॉट और टॉप बोरर जैसी बीमारियां फैल रही हैं. उन्होंने किसानों को 16202 और 18131 जैसी नई विकसित किस्मों को अपनाने की सलाह दी, जो रोग प्रतिरोधी हैं और बेहतर उत्पादन देती हैं.

सातवें चरण में कृषि विभाग के सब्जेक्ट मैटर स्पेशलिस्ट कुसुमपाल सिंह ने बताया कि खरीफ सीजन के लिए बीज उपलब्ध हैं और ढैंचा (हरी खाद) के बीज की बुकिंग 10 मई तक की जा रही है. इसके अलावा यंत्रीकरण योजना और पीएम कुसुम योजना के तहत भी किसान आवेदन कर सकते हैं.

आठवें चरण में पद्मश्री से सम्मानित किसान भारत भूषण त्यागी ने कहा कि किसान अक्सर उन विषयों पर चर्चा करते हैं, जो उनके नियंत्रण में नहीं हैं. उन्होंने किसानों से सकारात्मक सोच अपनाने और अपनी ताकत को पहचानने की अपील की. उन्होंने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि समाज के पोषणकर्ता हैं.

नौवें चरण में किसान तक के वरिष्ठ पत्रकार जेपी सिंह ने कहा कि आज किसान का बेटा खेती से दूर हो रहा है. उन्होंने किसानों से अपनी सोच बदलने और खुद को उद्यमी बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि किसानों को प्रोसेसिंग प्लांट से जुड़कर अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त करना चाहिए, ताकि मुनाफा सीधे किसान को मिले.

दसवें चरण में जादूगर सलमान ने किसानों को देखा-देखी खेती से बचने की सलाह दी. उन्होंने बताया कि अधिक उर्वरक डालने से उत्पादन नहीं बढ़ता, बल्कि नुकसान हो सकता है. उन्होंने कहा कि खेत की भी एक क्षमता होती है, इसलिए संतुलित खेती अपनाना जरूरी है.

कार्यक्रम के अंत में किसानों के लिए लकी ड्रा का आयोजन किया गया, जिसमें 500 रुपये के 10 इनाम वितरित किए गए. 1000 के पांच इनाम दिए गए जिनमें अशोक, जकारिया , भीष्म, पिंटू और अनु के नाम शामिल है.
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