
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में खरीफ सीजन के लिए खाद लेने पहुंचे किसानों की परेशानी खुलकर सामने आई. सोमवारिया स्थित कृषक सहकारी विपणन समिति के वेयर हाउस के बाहर सुबह से ही किसानों की लंबी कतार लगी रही. किसानों को अपनी बारी के लिए आधार कार्ड और पट्टे की फोटो कॉपी जमीन पर रखनी पड़ी. कागज हवा में उड़ न जाएं, इसके लिए किसानों ने उन पर पत्थर रख दिए.

लिंबोदा गांव के किसान तरवर सिंह ने खाद वितरण की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई. उनका कहना है कि किसानों को खाद लेने के लिए बार-बार अलग-अलग दस्तावेज लाने के लिए कहा जा रहा है. उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से सवाल करते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं पर ध्यान कब दिया जाएगा. तरवर सिंह के मुताबिक, पहले आधार कार्ड की फोटो कॉपी मांगी गई, फिर पट्टे की फोटो कॉपी और अब मूल पट्टा लेकर आने को कहा जा रहा है.

किसानों का कहना है कि सुबह से घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद खाद नहीं मिल पा रही है. चांदपुरा के किसान प्रकाश वर्मा ने बताया कि वह सुबह करीब 6 बजे से खाद लेने के लिए बैठे हैं. किसानों की बारी जमीन पर कागज रखकर तय की जा रही है. उनका कहना है कि कई किसान सुबह से भूखे-प्यासे इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक खाद नहीं मिली है.

खाद की मात्रा को लेकर भी किसान परेशान हैं. किसानों के मुताबिक, एक बीघा जमीन पर करीब एक कट्ठा खाद दी जा रही है. पूरा सेवनी से आए किसान प्रभुलाल तंवर ने बताया कि उनके पास 10 बीघा जमीन है, लेकिन उन्हें केवल दो बोरी खाद देने की बात कही जा रही है. किसानों का सवाल है कि इतनी कम खाद से फसल की जरूरत कैसे पूरी होगी.

वेयर हाउस के बाहर किसानों की भीड़ बढ़ने के बाद व्यवस्था की तस्वीर भी सामने आई. किसान अपनी बारी के लिए आधार कार्ड और पट्टे की फोटो कॉपी जमीन पर रखकर उन पर पत्थर रख रहे हैं. महिलाओं समेत कई किसान घंटों तक इसी तरह अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए. किसानों का कहना है कि उन्हें धूप और भीड़ के बीच लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है.

किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि वेयर हाउस पर पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं है. खाद लेने के लिए दूर-दराज के गांवों से पहुंचे किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. दस्तावेजों को लेकर बार-बार बुलाए जाने से उनकी परेशानी और बढ़ रही है. किसानों का कहना है कि खाद के लिए इतनी लंबी प्रक्रिया और कम मात्रा से खेती प्रभावित हो सकती है.

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए और वितरण की व्यवस्था को आसान और स्पष्ट बनाया जाए. साथ ही वेयर हाउस पर पीने के पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं का इंतजाम किया जाए. किसानों का कहना है कि खरीफ फसल के समय खाद समय पर नहीं मिली तो इसका सीधा असर फसल की पैदावार पर पड़ सकता है.
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