
कान्हा की नगरी मथुरा अब सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि खेती के क्षेत्र में भी नई दिशा तय कर रही है. यहां के किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सलाह और नवाचार को अपनाते नजर आ रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हो रही है.

इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप के संयुक्त प्रयास से चल रहा “किसान कारवां” अपने दसवें पड़ाव पर मथुरा जनपद की छाता तहसील के सुपाना गांव पहुंचा. कार्यक्रम में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया.

कार्यक्रम के पहले चरण में किसान कारवां के मंच से इफको के क्षेत्रीय मैनेजर सत्यवीर सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए बताया कि आज भी कई किसान खेती में ऐसी गलतियां कर रहे हैं, जिससे मिट्टी की सेहत खराब हो रही है और उम्मीद के तहत उत्पादन नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और सागरिका जैसे उत्पादों के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि इनके प्रयोग से उत्पादन बढ़ेगा और मिट्टी का स्वास्थ्य भी बेहतर होगा.

कार्यक्रम दूसरे चरण में पहुंचे मांट विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक राजेश चौधरी ने किसानों से खेती में बदलाव की जरूरत पर बात की. उन्होंने कहा कि आज किसान केवल दो फसलों तक सीमित रह गए हैं, जबकि वैज्ञानिक सलाह के अनुसार फसल चयन और सॉइल हेल्थ कार्ड के आधार पर खेती करने से उत्पादन और मिट्टी दोनों की सेहत सुधर सकती है.

तीसरे चरण कृषि विज्ञान केंद्र, मथुरा के प्रभारी डॉ. ए. के. शर्मा ने बताया कि कोसीकला क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या है, जिसके चलते 25 से 30 प्रतिशत खेतों में बुवाई नहीं हो पा रही है. उन्होंने किसानों को जलभराव की स्थिति में केला और सिंघाड़ा जैसी फसलों की खेती की सलाह दी, जिससे अच्छी आमदनी प्राप्त की जा सकती है.

चौथे चरण मैजिशियन सलमान ने अपने जादुई अंदाज में किसान तक के किसान कारवां के संदेशों को किसानों तक पहुंचाया. उन्होंने मुथूट फाइनेंस के माध्यम से किसानों को खेती के लिए आसानी से लोन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया समझाई. साथ ही चंबल फर्टिलाइजर के उत्पादों को भी रोचक तरीके से प्रस्तुत किया.

वहीं, पांचवें चरण में उत्तम फर्टिलाइजर के क्षेत्रीय अधिकारी दीपेश शर्मा ने किसानों को बताया कि कई बार पूरी मेहनत के बावजूद उत्पादन नहीं मिल पाता. ऐसे में उत्तम माइक्रो राजा और उत्तम प्रणाम जैसे उत्पाद बेहतर परिणाम देने में सहायक साबित हो सकते हैं.

छठवें चरण में किसानों को वित्तीय जागरूकता देने के उद्देश्य से मुथूट फाइनेंस के राया ब्रांच मैनेजर सोनवीर सिंह ने बताया कि जरूरत के समय किसान साहूकारों के चक्कर में न पड़ें. मुथूट फाइनेंस में सुरक्षित तरीके से कम ब्याज दर पर गोल्ड लोन उपलब्ध है, जिसमें जेवर पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं.

सातवें चरण में कृषि विज्ञान केंद्र मथुरा के वैज्ञानिक रविंद्र कुमार राजपूत ने मिट्टी जांच के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समय-समय पर मिट्टी परीक्षण कर आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति करनी चाहिए. साथ ही उन्होंने गोबर की खाद और जैविक तत्वों के उपयोग को मिट्टी के स्वास्थ्य के लिए जरूरी बताया.

कार्यक्रम के अंत में किसानों के उत्साहवर्धन के लिए लकी ड्रा का आयोजन किया गया, जिसमें 500 रुपये के 10 पुरस्कार घोषित किए गए. वहीं, पहला पुरस्कार 3000 रुपये किसान चेतराम ने जीता, जबकि 2000 रुपये का पुरस्कार किसान परशुराम के नाम रहा.
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