
गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि गोरखपुर जनपद के राजपुर गांव में ‘किसान तक’ का किसान कारवां पहुंचा. उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में चल रहे इस विशेष अभियान के तहत यह 50वां पड़ाव रहा. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और नई जानकारियों को लेकर खासा उत्साह दिखाया.

किसान कारवां के पहले चरण में पशुपालन विभाग के उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर ने कहा कि किसानों को गाय पालन पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने बताया कि गाय का दूध स्वास्थ्य के लिए अधिक लाभकारी होता है और हर घर में कम से कम एक गाय का पालन जरूरी है.

किसान कारवां के दूसरे चरण में उद्यान वैज्ञानिक डॉ. अजीत श्रीवास्तव ने जैविक खेती की आवश्यकता पर जोर देते हुए वर्मी कंपोस्ट, गोबर खाद, जीवामृत, घनजीवामृत और दशपर्णी अर्क जैसे देसी उपायों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि ये तकनीक न सिर्फ लागत घटाती हैं, बल्कि मिट्टी और फसल दोनों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाती हैं.

किसान कारवां के तीसरे चरण में कृषि उप निदेशक धनंजय सिंह ने किसानों को बताया कि भविष्य में किसान सम्मान निधि का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनकी फार्मर रजिस्ट्री होगी. साथ ही एग्री स्टैक योजना के जरिए फसलों और मौसम से जुड़ी सटीक जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाएगी.

किसान कारवां के चौथे चरण में प्रगतिशील किसान राजू सिंह ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने मधुमक्खी पालन से सालाना 300 क्विंटल शहद उत्पादन और करीब 7 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल किया है. वे अन्य किसानों को मुफ्त प्रशिक्षण भी दे रहे हैं.

किसान कारवां के पांचवें चरण में जे के टायर गोरखपुर प्रभारी सचिन सिंह ने बताया कि किस तरीके से आज उनकी कंपनी के द्वारा किसानों के हित में अच्छे क्वालिटी का टायर बनाया जा रहा है. उन्होंने स्क्रीन के माध्यम से किसानों को टायर के फायदे बताएं. यहां तक की इसकी गारंटी और किसानों को मिलने वाले लाभ के बारे में भी बताया.

किसान कारवां के छठे चरण में गोरखपुर इंवायरेंटल एक्सन ग्रुप NGO के जाकिर अली ने किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान बताए. साथ ही उन्होंने बताया कि डी-कंपोजर के माध्यम से उसे खाद में बदलने की सलाह दी, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ाई जा सके.

किसान कारवां के सातवें चरण में प्रगतिशील किसान विंध्याचल ने मोटे अनाज के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इसकी खेती लागत कम और मुनाफा अधिक देती है. साथ ही ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी जैसी फसलों पर मिलने वाली सब्सिडी की जानकारी भी दी गई.

किसान कारवां के आठवें चरण में उद्यान विभाग के उप निरीक्षक नरेश कुमार ने बताया कि किसानों को स्प्रिंकलर पर 90 फीसदी तक और छोटे ट्रैक्टर पर एक लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल रही है.

किसान कारवां के नवें कार्यक्रम में जादूगर सलमान ने अपने अनोखे अंदाज में किसानों को पशुपालन और सरकारी योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया.

कार्यक्रम के अंत में लकी ड्रा का आयोजन किया गया, जिसमें 10 किसानों को 500-500 रुपये, जबकि प्रथम पुरस्कार 3000 रुपये रामकिशन और द्वितीय पुरस्कार शांति देवी को दिया गया. किसान कारवां का उद्देश्य किसानों को जागरूक कर उनकी आय बढ़ाने और उन्हें आधुनिक खेती से जोड़ने का है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today