
असम में मॉनसून के दौरान बाढ़ हर साल बड़ी तबाही लेकर आती है. इस बार भी कई इलाकों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों, खेतों और सड़कों तक पहुंच गया है. बाढ़ का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि वन्यजीवों और मवेशियों पर भी दिखाई दे रहा है. इन तस्वीरों में असम की बाढ़ की भयावह स्थिति, लोगों का संघर्ष और जानवरों की परेशानी साफ नजर आती है. आइए देखते हैं बाढ़ की मार दिखाती ये 9 तस्वीरें...

असम की बाढ़ का सबसे दर्दनाक दृश्य वन्यजीवों पर पड़ रहे असर को दिखाता है. इस तस्वीर में एक सींग वाला गैंडा बाढ़ के पानी में मृत अवस्था में दिखाई दे रहा है. उसके पैर ऊपर की ओर हैं और पूरा शरीर पानी में डूबा हुआ है. यह दृश्य बताता है कि बाढ़ सिर्फ इंसानों के लिए नहीं, बल्कि जंगलों में रहने वाले जानवरों के लिए भी बड़ी चुनौती बन जाती है. असम के राष्ट्रीय उद्यानों में हर साल बाढ़ के दौरान कई वन्यजीव प्रभावित होते हैं.

बाढ़ के दौरान पशुपालकों के सामने अपने मवेशियों को बचाने की बड़ी चुनौती होती है. इस तस्वीर में एक व्यक्ति गहरे पानी में खड़ा होकर घास दिखाकर गायों और भैंसों को अपनी ओर बुला रहा है. मवेशी भी पानी में तैरते हुए सिर्फ अपना सिर बाहर निकाल पा रहे हैं. यह दृश्य बताता है कि बाढ़ के समय लोग अपने पशुओं की सुरक्षा के लिए कितनी मेहनत करते हैं.

बाढ़ आने के बाद लोगों के सामने सबसे बड़ी परेशानी अपने घर का सामान सुरक्षित जगह पहुंचाने की होती है. इस तस्वीर में एक व्यक्ति छाती तक पानी में खड़ा होकर बांस की बनी नाव पर घरेलू सामान रखकर ले जा रहा है. बाल्टी, डिब्बे और जरूरत की चीजें इस अस्थायी नाव पर रखी गई हैं. यह दृश्य बाढ़ प्रभावित लोगों के संघर्ष को दिखाता है.

बाढ़ के कारण गांवों में सड़कें और रास्ते पूरी तरह जलमग्न हो जाते हैं. इस तस्वीर में कुछ लोग पानी में फंसे अपने वाहन को बाहर निकालने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं. यह दृश्य बताता है कि बाढ़ के दौरान लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.

असम में बाढ़ का दायरा कितना बड़ा है, यह हवाई तस्वीर से साफ दिखाई देता है. चारों तरफ पानी फैला हुआ है और गांव के घर छोटे-छोटे टापुओं जैसे नजर आ रहे हैं. पेड़ों और घरों के बीच सिर्फ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है. यह तस्वीर बताती है कि बाढ़ ने बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया है.

बाढ़ प्रभावित गांवों में इंसानों के साथ मवेशियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है. इस तस्वीर में एक व्यक्ति घुटनों तक पानी में चलता नजर आ रहा है, जबकि आसपास गाय और बछड़े पानी में खड़े हैं. कई जगह पशुओं को पानी के बीच ही चारा खिलाना पड़ रहा है. यह दृश्य ग्रामीण जीवन पर बाढ़ के असर को दिखाता है.

जब सड़कें पानी में डूब जाती हैं तो नाव ही लोगों के आने-जाने का साधन बन जाती है. इस तस्वीर में दो लोग बांस की नाव से बाढ़ के पानी को पार करते नजर आ रहे हैं. एक व्यक्ति नाव को डंडी की मदद से आगे बढ़ा रहा है. चारों तरफ फैला पानी बताता है कि लोगों का सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है.

बाढ़ के समय हर कोई अपने सामान और पशुओं को सुरक्षित जगह पहुंचाने में जुट जाता है. इस तस्वीर में बच्चे नाव के जरिए भेड़ों को सुरक्षित स्थान पर ले जाते दिखाई दे रहे हैं. एक बच्चा नाव चला रहा है और दूसरा उसकी मदद कर रहा है. यह दृश्य दिखाता है कि बाढ़ के दौरान बच्चों को भी बड़ी जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं.

बाढ़ के बाद प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने का काम शुरू हो जाता है. इस तस्वीर में ग्रामीण राहत सामग्री लेने के लिए कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं. वहीं दूसरी तस्वीरों में लोग अपने पशुओं को बचाने के लिए संघर्ष करते नजर आते हैं. असम की बाढ़ की ये तस्वीरें बताती हैं कि आपदा के समय इंसान, पशु और पूरा ग्रामीण जीवन किस तरह प्रभावित होता है.
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