
किसान तक का किसान कारवां अपने चौथे पड़ाव पर पहुंच चुका है. 4 जनवरी को किसान तक का किसान कारवां उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के कनोवी ग्राम पंचायत पहुंचा. यहां सैकड़ों की संख्या में किसान जुटे हैं.

किसान कारवां चौथे दिन अलीगढ़ जिले के कनोवी ग्राम पंचायत पहुंचा. इस दौरान गांव के किसानों के साथ पूर्व एडीओ के पद पर रहे ज्ञान सिंह, इफको के एरिया मैनेजर बीके निगम, कृषि विभाग के एडीओ जितेंद्र सिंह, बीटीएम मथुरा कृषि विभाग से महिपाल सिंह और एफपीओ से जुड़ी महिलाएं मौजूद रहीं.

75 जिलों की इस कवरेज में यह चौथा जिला रहा, जहां सैकड़ों किसानों ने यूपी सरकार की योजनाओं की जानकारी हासिल की. इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों ने सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी. जहां किसानों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की.

कार्यक्रम को छह चरणों में आयोजित किया गया. पहले चरण में पूर्व एडीओ के पद पर रहे ज्ञान सिंह ने बीज शोधन को लेकर जानकारी दी. वहीं, उन्होंने किसानों को बीज शोधन की दवाइयों के बारे में भी बताया.

दूसरे चरण में इफको के एरिया मैनेजर बीके निगम ने जैविक खेती की बारे में किसानों को जागरूक किया.इसके साथ ही उन्होंने खादों के सही उपयोग को लेकर भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों का उपयोग एक सीमित मात्रा में करनी चाहिए.

वहीं, मैजिशियन सलमान ने तीसरे चरण में अपनी जादुई कलाओं के जरिए लोगों का मनोरंजन किया. वहीं, उन्होंने पशुपालन, बागवानी सहित कृषि से जुड़ी हुई अनेक योजनाओं के बारे में बताया. साथ ही किसान तक का किसान कारवां किस मकसद से उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में जा रहा है, उसको भी बताने का काम किया.

चौथे चरण में कृषि विभाग के एडीओ जितेंद्र सिंह ने कहा कि अगर खेतों में पैदावार कम हो रहा है तो इसका मतलब यह नहीं है की आपने खाद कम डाला है बल्कि मिट्टी का पोषक तत्व कम है. इसलिए मिट्टी की जांच जरूर करें. साथ ही उन्होंने कहा कि केचुआ खेतों में कम हो रहा है, ऐसे में उसे बढ़ाया जाए.

पांचवें चरण में बीटीएम मथुरा कृषि विभाग महिपाल सिंह ने भी मिट्टी जांच से लेकर सरकार की योजनाओं के बारे में बताया. साथ ही परंपरागत खेती पर वापस आने पर जोर दिया. उन्होंने गोबर खाद के उपयोग को लेकर भी जानकारी दी.

छठवें चरण में एफपीओ से जुड़ी महिलाओं को सम्मानित किया गया. ग्राम प्रधान कनोवी की दुलारी देवी को एफपीओ सदस्य भगवान देवी द्वारा सम्मानित किया गया. इसके साथ ही समाजसेवी जितेंद्र सिंह को भी सम्मानित किया गया.

बता दें कि गंगा–जमुना नदियों की लहरों के बीच बसा अलीगढ़ जिला अपनी गंगा–जमुना तहजीब के साथ ताला उद्योग के लिए पूरे विश्व में विख्यात है. वहीं इन नदियों के बीच की उपजाऊ भूमि इसे खेती के मामले में भी समृद्ध बनाती है.
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