
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य और राज्यपाल मंगुभाई पटेल की उपस्थिति में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को जबलपुर में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लिया. इस अवसर पर सभी ने सामूहिक योगा किया और लोगों को स्वस्थ जीवन के लिए योग अपनाने का संदेश दिया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों की भागीदारी रही, जिससे पूरा वातावरण उत्साह और ऊर्जा से भर गया.

इस साल प्रधानमंत्री ने मुख्य कार्यक्रम में योग करते हुए देशवासियों को प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने का माध्यम है. उनके साथ बड़ी संख्या में लोग और अधिकारी भी शामिल हुए, जिससे पूरा माहौल ऊर्जा और सकारात्मकता से भर गया.

देश के अलग-अलग मंत्रियों ने भी योग दिवस 2026 में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. सभी ने अलग-अलग राज्यों में योग कार्यक्रमों का नेतृत्व किया और लोगों को योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया. इस पहल ने योग को जन-आंदोलन का रूप दिया. शिवराज सिंह चौहान ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि योग शरीर को स्वस्थ रखता है, मन को शांत करता है और जीवन को संतुलित बनाता है. यह संपूर्ण कल्याण और आंतरिक शांति को बढ़ावा देता है, इसलिए सभी को योग को अपने जीवन का नियमित हिस्सा बनाना चाहिए.

भारतीय सेना के जवानों ने भी योग दिवस पर विशेष योग प्रदर्शन किया. कठिन प्रशिक्षण और सीमाओं पर तैनात जवानों ने योग करके यह संदेश दिया कि मजबूत शरीर और शांत मन ही असली शक्ति है. सीमावर्ती क्षेत्रों में भी सैनिकों ने सामूहिक योग कर देश का गौरव बढ़ाया.

भारतीय नौसेना और वायुसेना ने भी योग दिवस 2026 को खास बनाया. समुद्र के जहाजों पर और हवाई अड्डों पर जवानों ने योग किया. यह दृश्य बहुत प्रेरणादायक था, जिसने दिखाया कि योग हर परिस्थिति और हर जगह किया जा सकता है.

देशभर के स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों और युवाओं ने बड़े उत्साह के साथ योग किया. शिक्षकों ने छात्रों को योग के फायदे समझाए और उन्हें रोज योग करने की आदत डालने के लिए प्रेरित किया. इससे नई पीढ़ी में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी.

इस योग दिवस पर भारत ने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया कि स्वस्थ जीवन ही सबसे बड़ी संपत्ति है. भारत ने दिखाया कि योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक शांति और संतुलन भी देता है. कई देशों ने भी भारत की इस पहल की सराहना की.

इस बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 का मुख्य थीम बढ़ती उम्र को योग के माध्यम से नियंत्रित करने और स्वस्थ जीवन जीने पर आधारित था. इस थीम ने लोगों को यह संदेश दिया कि नियमित योग करने से शरीर को लंबे समय तक फिट, सक्रिय और ऊर्जावान रखा जा सकता है. उम्र बढ़ना प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन योग से इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है. पूरे देश में इस संदेश को अपनाते हुए लोगों ने उत्साह के साथ योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया. इस खास मौके पर योगाचार्य शालिनी झा ने योग के ज़रिए फिट रहने का संदेश दिया.

योग दिवस 2026 ने यह साबित कर दिया कि योग अब केवल भारत तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का हिस्सा बन चुका है. प्रधानमंत्री, मंत्री, जवान और आम लोग-सभी ने मिलकर “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” का संदेश दिया. आने वाले समय में योग को और अधिक लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया.
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