
बकरी का दूध दवाईयों के गुण से भरा हुआ है. बकरी का दूध एक-दो नहीं, छह से ज्यादा बड़ी बीमारियों में फायदा पहुंचाता है. डॉक्टर भी कई बार बकरी का दूध पीने की सलाह देते हैं.

केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्था़न (सीआईआरजी), मथुरा के डायरेक्टर डॉ. मनीष कुमार चेतली ने किसान तक को बताया कि यूरोप में तो आज भी बच्चों की 90 फीसद दवाई बनाने में बकरी का दूध इस्तेमाल किया जाता है.

साथ ही बकरियों का दूध सिर्फ डेंगू ही नहीं और भी कई बड़ी बीमारियों में फायदा पहुंचाता है. इसी को देखते हुए करीब 42 साल से सीआईआरजी बकरियों पर रिसर्च कर रहा है.

डेंगू बीमारी में बकरी का दूध प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद करता है. इसके अलावा कैंसर और हार्ट के मरीजों को भी बकरी का दूध फायदा पहुंचाता है. लेक्टोज की मात्रा कम होने के चलते डायबिटीज में फायदा पहुंचाता है.

पेट संबंधी कई बीमारियों में बकरी का दूध फायदेमंद है. आंत की बीमारी कोलाइटिस में भी बकरी का दूध फायदा पहुंचाता है. वहीं, बकरी के दूध में मौजूदा वीटा केजिन इसे खास बनाता है.

यूरोप में बकरी के दूध से बनती हैं बच्चों की 90 फीसद दवाई. बकरी का दूध पीने से बच्चों को एलर्जी नहीं होती है. डॉक्टर भी बच्चों को पिलाने के लिए बकरी का दूध ही बताते हैं.

बकरी के दूध को दवाई के रूप में भी देखा जाता है. बकरी के दूध की डिमांड को देखते हुए ही आनलाइन प्लेटफार्म पर दूध बिकने लगा है. बीमारी फैलने के दौरान तो बकरी का दूध मुंह मांगे दामों पर बिकता है.
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