यूपी में खोवा, पनीर, दूध और घी से लेकर मिलावट में इस्तेमाल रसायनों तक को लेकर कार्रवाई. (photo: ITG)रक्षाबंधन से पहले प्रदेशवासियों को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA), उत्तर प्रदेश ने मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान और तेज कर दिया है. रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर 20 अगस्त 2026 से चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान में आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देशन में प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई. अभियान के तहत अब तक 18 एफआईआर दर्ज की गईं, 182 खाद्य नमूने संग्रहीत किए गए, 13,440.25 किलोग्राम और 14,561 लीटर सामग्री जब्त की गई है. वहीं 18,607 किलोग्राम और 7,630 लीटर असुरक्षित/अस्वच्छ खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई है. जब्त सामग्री का अनुमानित मूल्य करीब ₹26.09 लाख तथा नष्ट सामग्री का मूल्य करीब ₹27.89 लाख है.
जानकारी के अनुसार, कानपुर नगर, कानपुर देहात, लखनऊ, मुजफ्फरनगर, मेरठ, कासगंज, अलीगढ़, बागपत, प्रयागराज, गाजियाबाद, आगरा, हापुड़, संत कबीर नगर, फिरोजाबाद, बदायूं, सम्भल और मथुरा समेत विभिन्न जनपदों में कार्रवाई की गई. एफएसडीए ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को केवल नमूना संग्रह तक सीमित नहीं रखा है. जहां खाद्य पदार्थ असुरक्षित या अस्वच्छ परिस्थितियों में पाए गए, वहां उन्हें मौके पर ही नष्ट कराया गया.
वहीं मिलावट अथवा खाद्य सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन के मामलों में एफआईआर, कारोबार बंद कराने और परिसर सील करने जैसी कठोर कार्रवाई भी की गई. यह कार्रवाई सरकार की उस नीति को दर्शाती है, जिसमें जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है.
कानपुर नगर में हटिया खोवा मंडी के 14 विक्रेताओं का निरीक्षण कर 18 नमूने लिए गए और अस्वच्छ परिस्थितियों में रखा करीब 4.30 कुंतल खोया नष्ट कराया गया. एक्सप्रेस-वे एवं फजलगंज खोवा मंडी में भी नमूने लिए गए. कानपुर देहात में खोवा निर्माण इकाइयों में रिफाइंड तेल, वनस्पति और एसएमपी के इस्तेमाल के मामले सामने आने पर तैयार खोया नष्ट कराया गया, संदिग्ध सामग्री जब्त की गई तथा संबंधित मामलों में एफआईआर दर्ज कराई गई.
लखनऊ में शिवाक्षी स्वीट्स पर कार्रवाई के दौरान 15 नमूने लिए गए. 686 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त करने के साथ 2,675 किलोग्राम संदूषित खाद्य पदार्थ नष्ट कराया गया और अस्वच्छ परिस्थितियों के कारण कारोबार बंद कराया गया.
सम्भल में नकली घी तैयार करने वाले परिसर पर छापेमारी कर करीब 100 क्विंटल घी जब्त किया गया. एफआईआर दर्ज कराने के साथ परिसर सील कर कारोबार बंद कराया गया. बदायूं में वाहन जांच के दौरान 1,605 किलोग्राम देशी घी जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹10.53 लाख है. कासगंज में 4 कुंतल पनीर नष्ट कराया गया, जबकि हापुड़ में करीब 6 क्विंटल पनीर नष्ट कराया गया. वहीं, मथुरा में रिफाइंड तेल और संदिग्ध रसायनों का इस्तेमाल कर पनीर तैयार किए जाने के तीन मामलों में एफआईआर दर्ज कराई गई.
एफएसडीए की कार्रवाई की खास बात यह रही कि विभाग ने केवल तैयार खाद्य पदार्थों को ही निशाना नहीं बनाया, बल्कि मिलावटी खाद्य पदार्थ तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री पर भी कार्रवाई की. अभियान में स्किम्ड मिल्क पाउडर, वनस्पति, रिफाइंड तेल, सिंथेटिक रंग, सोडियम बाई कार्बोनेट और संदिग्ध रसायनों को जब्त किया गया. प्रयागराज में 72 क्विंटल विभिन्न खाद्य पदार्थ नष्ट कराए गए, जबकि अलीगढ़ में 17.5 कुंतल खोवा नष्ट कराया गया. फिरोजाबाद में 10 क्विंटल मावा नष्ट कराने के साथ दो एफआईआर दर्ज हुईं. गाजियाबाद में संदिग्ध रसायन एवं अन्य सामग्री जब्त करते हुए दो एफआईआर दर्ज कराई गईं.
इस विशेष अभियान का उद्देश्य रक्षाबंधन पर्व पर मिठाई, खोवा, पनीर, दूध और घी के नाम पर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो. विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण, सैंपलिंग, सीजर, विनष्टीकरण और कानूनी कार्रवाई के माध्यम से खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है. सरकार का संदेश साफ है कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी.
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