महाराष्ट्र में सूखे से परेशान किसानों का हल्लाबोल, हाईवे जाम कर सरकार से रखी ये मांग

महाराष्ट्र में सूखे से परेशान किसानों का हल्लाबोल, हाईवे जाम कर सरकार से रखी ये मांग

महाराष्ट्र में सूखे और आर्थिक संकट से परेशान किसानों ने रविवार को सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. लातूर में हजारों किसानों ने हाईवे जाम कर 2 लाख रुपये की इंसेंटिव सब्सिडी, फसल नुकसान का मुआवजा और मराठवाड़ा में सूखा घोषित करने की मांग की.

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महाराष्ट्र में सूखे से परेशान किसानों का हल्लाबोल, हाईवे जाम कर सरकार से रखी ये मांगकिसान आंदोलन (सांकेतिक तस्वीर)

महाराष्ट्र में किसानों ने सूखे और खेती से जुड़ी समस्याओं को लेकर रविवार को जोरदार प्रदर्शन किया. लातूर जिले के लमजाना गांव में हजारों किसानों ने हैदराबाद-लातूर हाईवे के एक हिस्से को जाम कर दिया, किसानों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सूखे से तुरंत राहत, फसल नुकसान का मुआवजा और समय पर कृषि लोन चुकाने वाले किसानों को इंसेंटिव देने की मांग की. प्रदर्शन का नेतृत्व ‘क्रांतिकारी शेतकारी संगठन’ की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष राजीव कसबे ने किया. किसानों का कहना है कि मराठवाड़ा में लंबे समय से पर्याप्त बारिश नहीं हुई है. इससे खरीफ फसलों पर संकट बढ़ गया है. किसानों को डर है कि अगर बारिश की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो उनकी फसलें बर्बाद हो सकती हैं और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा.

किसानों के लिए इंसेंटिव की मांग

प्रदर्शनकारी किसानों की प्रमुख मांग उन किसानों के लिए 2 लाख रुपये की इंसेंटिव सब्सिडी है, जिन्होंने अपने कृषि लोन की किस्तें नियमित रूप से चुकाई हैं. किसान संगठन का कहना है कि जो किसान ईमानदारी से अपना कर्ज चुका रहे हैं, उन्हें भी सरकार की ओर से आर्थिक मदद मिलनी चाहिए. राजीव कसबे ने कहा कि किसान मुश्किल हालात के बावजूद समय पर अपना कर्ज चुकाने की कोशिश करते हैं और खेती जारी रखते हैं. ऐसे किसानों को सरकार की ओर से 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जानी चाहिए.

मराठवाड़ा में सूखा घोषित करने की मांग

किसानों ने मराठवाड़ा क्षेत्र में तुरंत सूखा घोषित करने की भी मांग की है. उनका कहना है कि कम बारिश के कारण खरीफ की फसलें प्रभावित हो रही हैं. इसके साथ ही प्रत्येक प्रभावित किसान को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने की मांग की गई है. प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कम बारिश, फसलों के कम दाम, खेती की बढ़ती लागत और बढ़ते कर्ज को लेकर सरकार पर सवाल उठाए. किसानों का कहना है कि इन सभी समस्याओं के कारण उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है.

दो घंटे से ज्यादा हाईवे पर प्रदर्शन

प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों के धैर्य की परीक्षा न लें. राजीव कसबे ने कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो पूरे महाराष्ट्र में आंदोलन किया जाएगा और किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष तेज किया जाएगा. करीब दो घंटे से अधिक समय तक हाईवे पर जाम और प्रदर्शन के बाद किसान वहां से हट गए. हालांकि, इस प्रदर्शन ने एक बार फिर मराठवाड़ा के किसानों की सूखे और आर्थिक संकट से जुड़ी चिंताओं को सामने ला दिया है. (PTI)

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