Budget-2026 में कृषि-मजदूरों की अनदेखी, किसान संगठन ने की बजट कॉपी जलाने की अपील

Budget-2026 में कृषि-मजदूरों की अनदेखी, किसान संगठन ने की बजट कॉपी जलाने की अपील

AIKS के बयान में कहा गया है कि कृषि क्षेत्र में ठहराव के इस संदर्भ को देखते हुए, यह उम्मीद थी कि केंद्रीय बजट 2026-27 कृषि को कुछ "राहत और गति" देगा. लेकिन इस बजट ने निराश किया है. बजट कृषि अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के लिए कोई अतिरिक्त सहायता देने में विफल रहा है.

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Budget-2026 में कृषि-मजदूरों की अनदेखी, किसान संगठन ने की बजट कॉपी जलाने की अपीलऑल इंडिया किसान सभा

ऑल इंडिया किसान सभा (AIKS) ने केंद्रीय बजट पर अपना बयान दिया है. ऑल इंडिया किसान सभा आलोचना करते हुए कहा कि वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कृषि की बड़े पैमाने पर अनदेखी की है.  अपने बयान में AIKS ने कहा है कि बजट एक बार फिर "कृषि के रणनीतिक पुनरुद्धार" के प्रति कोई प्रतिबद्धता दिखाने में विफल रहा है.  वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कृषि की बड़े पैमाने पर अनदेखी की है. छोटे और सीमांत किसानों का ज़िक्र सिर्फ़ एक बार किया गया, जबकि ग्रामीण मजदूरों का कोई जिक्र नहीं था, बजट के आंकड़े इस उपेक्षा को दर्शाते हैं.

बजट ने किया निराश- ऑल इंडिया किसान सभा

AIKS के बयान में कहा गया है कि कृषि क्षेत्र में ठहराव के इस संदर्भ को देखते हुए, यह उम्मीद थी कि केंद्रीय बजट 2026-27 कृषि को कुछ "राहत और गति" देगा. लेकिन इस बजट ने निराश किया है. बजट कृषि अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने के लिए कोई अतिरिक्त सहायता देने में विफल रहा है. वित्त मंत्री द्वारा कृषि उत्पादकता बढ़ाने को एक कर्तव्य बताने के बावजूद, कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग के लिए बजटीय आवंटन 2025-26 के संशोधित अनुमान (RE) 10,281 करोड़ रुपये से घटाकर 9,967 करोड़ रुपये (वित्त वर्ष 2026-27) कर दिया गया है.

कई योजनाओं के बारे में बजट में जिक्र नहीं

ऑल इंडिया किसान सभा ने कहा है कि इस साल के बजट में भी नकदी फसलों में निवेश करने की बयानबाजी जारी रही. भाषण में नारियल, कोको, काजू, मेवे और चंदन पर ध्यान केंद्रित किया गया. हालांकि, असल में पिछले समय में शुरू की गई कॉटन टेक्नोलॉजी मिशन, दालों पर मिशन, हाइब्रिड बीज और मखाना बोर्ड जैसी योजनाओं का बजटीय आंकड़ों में कोई जिक्र नहीं है.

बजट में VB-GRAMG योजना का कोई ज़िक्र नहीं

AIKS ने यह भी कहा कि बजट भाषण में MGNREGA योजना या हाल ही में पारित VB-GRAMG योजना का कोई ज़िक्र नहीं था, जो ग्रामीण रोज़गार के महत्व की पूरी तरह से अनदेखी को दर्शाता है. बयान में कहा है कि कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में, एकमात्र महत्वपूर्ण बजटीय आवंटन पशुपालन और डेयरी के तहत किया गया है, जो 5,303 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 6,135 करोड़ रुपये किया गया है.

किसानों से बजट कॉपी जलाने की अपील

हालांकि, यहां भी ज़ोर क्रेडिट-आधारित पशु चिकित्सा अस्पतालों के विस्तार, निजी क्षेत्र में प्रजनन और विदेशी निवेश आकर्षित करने पर रहा है. AIKS ने किसानों, ग्रामीण मजदूरों और आम लोगों से भी अपील की है कि वे 3 फरवरी या उसके बाद किसी भी दिन गांवों और तहसीलों में बजट की कॉपी जलाकर इसके खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन करें. उन्होंने सभी से यह भी अपील की कि वे यह सुनिश्चित करें कि 12 फरवरी को होने वाली आम हड़ताल पूरी तरह सफल हो. (PTI)

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