
महाराष्ट्र के अकोला जिले में बारिश आफत बनकर बरसी है. दरअसल, 28 अगस्त गुरुवार शाम को करीब दो घंटे तक हुई बिजली की गरज और मूसलाधार बारिश ने शहर का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. बारिश का सबसे भयावह असर गुलढ़ी इलाके में देखने को मिला, जहां पास से बहने वाले नाले का बांध टूट गया और उसका पानी बस्तियों में घुस गया. इसके अलावा खरीफ की कई फसलें पानी डूब गई हैं.
भारी बारिश के बाद गुलढ़ी इलाके के गरीब परिवारों के घरों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाला अनाज, कपड़े और ज़रूरी सामान पानी में भीगकर खराब हो गए. वहीं, कई घरों में बर्तन और सामान तैरते हुए दिखाई दिए. मजदूरी कर परिवार चलाने वाले लोग अब घर में खाना बनाने और सोने तक की चिंता में डूबे हैं. स्थानीय निवासी राजेश कीर्तक ने बताया कि घर से पानी निकालते-निकालते पूरी रात गुजर जाएगी, लेकिन पानी इतना ज्यादा है कि कब तक खत्म होगा, कहना मुश्किल है.
इलाके के लोगों का कहना है कि नाले के पानी की समस्या को लेकर वे कई बार प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. अब बारिश की वजह से उनके घरों में जल प्रलय जैसी स्थिति बन गई. बता दें कि इस मूसलाधान बारिश का असर सिर्फ गुलढ़ी ही नहीं, बल्कि अकोला शहर के कई इलाकों में देखने को मिला.
इस इलाके के आमजन के अलावा लगातार दो दिन से हो रही रुक-रुक कर भारी बारिश ने किसानों की भी चिंता भी बढ़ा दी है. खेतों में खड़ी खरीफ फसलें पानी में डूबने लगी हैं, वहीं जिले की नदियां और नाले उफान पर बह रहे हैं. मूर्तिज़ापुर जाने वाले रास्ते पर पुलिया के ऊपर से पानी बहने लगा, जिसके चलते यातायात पुलिस ने रास्ते को बंद कर दिया.
दूसरी ओर उमरी इलाके में नाले के ऊपर बने दुकानों और घरों में पानी घुस गया. वहीं, एक घर में दो बच्चे और एक बुजुर्ग महिला को राजस्व विभाग के तलाठी और स्थानीय लोगों की सहायता से रेस्क्यू किया गया. इसके अलावा दमकल विभाग के कर्मचारियों ने विट्ठल नगर इलाके के दो बुजुर्ग दंपत्ति को जिनके घर में कमर जितना पानी था उन्हें रेस्क्यू कर बाहर निकला.
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