पंजाब इस वक्त भारी बाढ़ की चपेट में है, जो हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण सतलुज, व्यास और रावी नदियों और मौसमी नालों में उफान के कारण आई है. इस बाढ़ से सबसे ज़्यादा पठानकोट, गुरदासपुर, फाज़िल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर ज़िलों के गांव प्रभावित हैं. इस बाढ़ से 1,000 से ज़्यादा गांव, जिनमें सबसे ज़्यादा गुरदासपुर ज़िले में हैं, और 61,000 हेक्टेयर से ज़्यादा कृषि भूमि प्रभावित हुई है. एनडीआरएफ, सेना, बीएसएफ और जिला अधिकारियों के संयुक्त प्रयासों से अब तक बाढ़ प्रभावित इलाकों से कुल 11,330 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
राज्य के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने शनिवार को ब्यास नदी पर बने पौंग बांध और होशियारपुर के मुकेरियां उपमंडल के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की. वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुख्य सचिव ने बांध का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पानी के बहाव को तकनीकी मानकों के अनुसार सख्ती से नियंत्रित करें, ताकि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें कम से कम हों. उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहने और चौबीसों घंटे निगरानी बनाए रखने को भी कहा. अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ से अब तक राज्य के 1,018 गांव प्रभावित हुए हैं.
मुख्य सचिव ने बताया कि इनमें पठानकोट में 81, फाजिल्का में 52, तरनतारन में 45, श्री मुक्तसर साहिब में 64, संगरूर में 22, फिरोजपुर में 101, कपूरथला में 107, गुरदासपुर में 323, होशियारपुर में 85 और मोगा में 35 शामिल हैं. फसल और पशुधन की क्षति के कारण राज्य को भारी वित्तीय नुकसान भी हुआ है.
जिला मुख्यालयों से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, फाजिल्का में 16,632 हेक्टेयर, फिरोजपुर में 10,806 हेक्टेयर, कपूरथला में 11,620 हेक्टेयर, पठानकोट में 7,000 हेक्टेयर, तरनतारन में 9,928 हेक्टेयर और होशियारपुर में 5,287 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है. बाढ़ प्रभावित जिलों से अब तक कुल 11,330 लोगों को बचाया गया है. उन्होंने बताया कि इनमें फिरोजपुर से 2,819, होशियारपुर से 1,052, कपूरथला से 240, गुरदासपुर से 4,771, मोगा से 24, पठानकोट से 1,100, तरनतारन से 60, बरनाला से 25 और फाजिल्का से 1,239 लोग शामिल हैं.
अधिकारी ने आगे बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान 4,711 बाढ़ प्रभावित लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. इनमें फिरोजपुर के 812, गुरदासपुर के 2,571, मोगा के 4, तरनतारन के 60, बरनाला के 25 और फाजिल्का के 1,239 लोग शामिल हैं. वर्तमान में, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगाए गए 87 राहत शिविरों में से 77 पूरी तरह से कार्यरत हैं, जिनमें 4,729 लोग आश्रय प्राप्त कर रहे हैं. अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन इन लोगों की सभी आवश्यक आवश्यकताओं का ध्यान रख रहा है.
कपूरथला में चार शिविरों में 110 लोग रह रहे हैं; फिरोजपुर में आठ शिविरों में 3,450 लोग रह रहे हैं; होशियारपुर में 20 शिविरों में 478 लोग रह रहे हैं; गुरदासपुर में 12 सक्रिय शिविरों में 255 लोग रह रहे हैं; पठानकोट में 14 शिविरों में 411 लोग रह रहे हैं; बरनाला में एक शिविर में 25 लोग रह रहे हैं; फाजिल्का में 11 शिविर, मोगा में पांच और अमृतसर में दो शिविर हैं.
राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पंजाब पुलिस और सेना स्थानीय समुदायों के सक्रिय सहयोग से इन अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. गुरदासपुर में एनडीआरएफ की सात टीमें, फाजिल्का और फिरोजपुर में एक-एक और पठानकोट में दो टीमें तैनात हैं. एसडीआरएफ ने कपूरथला में दो टीमें तैनात की हैं. सेना, सीमा सुरक्षा बल और भारतीय वायु सेना भी कपूरथला, गुरदासपुर, फिरोजपुर और पठानकोट में राहत कार्यों में लगी हुई हैं. नागरिक प्रशासन के साथ-साथ पंजाब पुलिस भी प्रभावित लोगों को पूरा सहयोग दे रही है. मुख्य सचिव के साथ प्रमुख सचिव (जल संसाधन) कृष्ण कुमार, उपायुक्त आशिका जैन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मलिक भी मौजूद थे.
(सोर्स- PTI)
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