नाना पाटेकरदिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और फिल्म जगत की कई हस्तियों ने दुख जताया है. पीएम मोदी ने नाना पाटेकर को याद करते हुए कहा कि उनके अभिनय की विशिष्टता, तीव्रता और प्रभावशाली व्यक्तित्व बहुत कम कलाकारों में देखने को मिलता है. उन्होंने कहा कि नाना में ज्वालामुखी की तरह प्रतिभा और रचनात्मकता थी, जो उनके किरदारों में साफ नजर आती थी.
प्रधानमंत्री ने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने अभिनय से ऐसे पात्रों को जीवंत कर दिया, जो लंबे समय तक लोगों की यादों में बने रहते हैं. वह अपने विचारों और स्पष्टवादिता के लिए भी पहचाने जाते थे और जो कुछ देखते थे, उसे बेहद स्पष्टता के साथ अपनी बात में रखते थे. पीएम मोदी ने हिंदी और मराठी सिनेमा में नाना के योगदान को अमूल्य बताते हुए कहा कि उनके निधन से ऐसा खालीपन पैदा हुआ है, जिसे कोई भर नहीं सकता. उन्होंने नाना के परिवार, प्रियजनों और उनके अनगिनत प्रशंसकों के प्रति संवेदना जताई और 'ओम शांति' कहा.
नाना पाटेकर गोवा के डोना पाउला स्थित मणिपाल अस्पताल में अंतिम सांस ली. अपने करीब पांच दशक लंबे करियर में उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा में कई यादगार किरदार निभाए. दमदार संवाद अदायगी, गंभीर अभिनय और अलग अंदाज के कारण उन्होंने फिल्म जगत में अपनी अलग पहचान बनाई.
Few actors possessed the intensity, individuality and unmistakable presence that Shri Nana Patekar Ji had. He brought remarkable versatility and creativity to every role and gave us characters that will be remembered for generations. He was also admired for his frank and forthright views, never hesitating to express what he believed in. Shri Nana Patekar’s contribution to Hindi and Marathi cinema was immense. His passing leaves a deep void. My condolences to his family, friends and countless admirers. Om Shanti.
— Narendra Modi (@narendramodi) October 8, 2026
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताया. उन्होंने कहा कि नाना के साथ उनके बेहद करीबी और दोस्ताना संबंध थे और उनके निधन की खबर बेहद दुखद और चौंकाने वाली है. गडकरी ने कहा कि नाना पाटेकर ने पांच दशक से ज्यादा समय तक मराठी और हिंदी फिल्मों के जरिए दर्शकों के दिलों पर राज किया. उनके खास अंदाज में संवाद बोलने की शैली ने कई फिल्मी किरदारों को अमर बना दिया. गडकरी ने नाना के सामाजिक कामों को भी याद किया. उन्होंने कहा कि 'नाम फाउंडेशन' के जरिए महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में जल संरक्षण और जल संचयन के लिए नाना का काम उल्लेखनीय रहा. किसान आत्महत्या से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए भी उन्होंने काम किया.
NCP (SP) प्रमुख शरद पवार ने कहा कि सूखा प्रभावित लोगों की मदद के लिए नाना पाटेकर और अभिनेता मकरंद अनासपुरे ने 'नाम फाउंडेशन' के जरिए महत्वपूर्ण काम किया. पवार ने नाना को प्रतिभाशाली कलाकार के साथ-साथ समाज के प्रति संवेदनशील इंसान बताया. उन्होंने कहा कि नाना मुश्किल समय में लोगों के साथ खड़े होते थे और जरूरतमंदों की मदद के लिए अपनी कोशिश और संसाधन दोनों लगाते थे. उन्होंने महाराष्ट्र में पड़े भीषण सूखे के दौरान नाना के काम को याद किया. पवार के मुताबिक, सूखा प्रभावित इलाकों में 'नाम फाउंडेशन' ने कई जगहों पर लोगों की मदद की थी.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा ने अभिनय और संवेदनशीलता के एक बड़े कलाकार को खो दिया है. शोक संदेश में फडणवीस ने कहा कि नाना पाटेकर ने मराठी और हिंदी सिनेमा में बेमिसाल योगदान दिया और अपनी दमदार अदाकारी से दोनों इंडस्ट्री को एक अलग पहचान दिलाई.
सीएम फडणवीस ने उनके अचानक निधन को चौंकाने वाला बताते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा को नाना के रूप में महाराष्ट्र की मिट्टी से निकला एक ऐसा अभिनेता मिला जो सख्त होने के साथ-साथ बेहद संवेदनशील भी था. वे जितने बड़े कलाकार थे, उतने ही बड़े दिल वाले इंसान भी थे. CM फडणवीस ने 'नाम फाउंडेशन' के माध्यम से पाटेकर द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों को भी याद किया, जिसे उन्होंने अभिनेता मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर शुरू किया था. उन्होंने बताया कि यह फाउंडेशन किसानों के लिए काम करता था और सूखे के समय मदद पहुंचाता था.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने गुरुवार को दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया. भारतीय सिनेमा में उनके योगदान और किसानों और समाज के प्रति उनकी चिंता को याद किया. 'X' पर एक पोस्ट में, शिवकुमार ने पाटेकर को असाधारण प्रतिभा, दमदार स्क्रीन उपस्थिति और यादगार अभिनय वाले अभिनेता के रूप में वर्णित किया.
अभिनेता अशोक सराफ ने नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि वह उनके बेहद करीबी दोस्त थे. उन्होंने कहा कि उन्हें अभी भी इस खबर पर विश्वास नहीं हो रहा है. सराफ ने नाना को अनुशासित और सीधे-सादे इंसान के रूप में याद किया. उन्होंने कहा कि नाना जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे. दोनों ने अपने शुरुआती अभिनय करियर में साथ काम किया था.
अभिनेता-निर्माता रितेश देशमुख ने भी नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताया. उन्होंने कहा कि नाना अपनी कला में बेजोड़ थे. उन्होंने हीरो, विलेन से लेकर कॉमेडी तक हर तरह के किरदार को प्रभावी ढंग से निभाया. देशमुख ने बताया कि उन्हें 'ब्लफमास्टर' और 'हाउसफुल 5' में नाना के साथ काम करने का मौका मिला था. उन्होंने कहा कि किसी मराठी फिल्म में नाना के साथ काम करने की उनकी इच्छा पूरी नहीं हो सकी. उन्होंने नाना के निधन को 'एक युग का अंत' बताया.
महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने नाना को 'निडर अभिनेता' बताते हुए श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि भारतीय फिल्म जगत ने एक संवेदनशील और प्रतिभाशाली कलाकार को खो दिया है. इस तरह नाना पाटेकर को उनके चाहने वाले सिर्फ एक शानदार अभिनेता के तौर पर ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े और जरूरतमंद लोगों के साथ खड़े रहने वाले संवेदनशील इंसान के रूप में भी याद कर रहे हैं. (PTI)
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