कर्जमाफी को लेकर बवाल! किसान नेता ने बैंक मैनेजर को जड़ा थप्पड़, मामला दर्ज

कर्जमाफी को लेकर बवाल! किसान नेता ने बैंक मैनेजर को जड़ा थप्पड़, मामला दर्ज

महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में कर्ज माफी को लेकर विवाद के बीच एक किसान संगठन के जिला अध्यक्ष ने कथित तौर पर बैंक मैनेजर के केबिन में घुसकर थप्पड़ मार दिए. घटना के बाद बैंक कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया, जबकि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है.

Advertisement
कर्जमाफी को लेकर बवाल! किसान नेता ने बैंक मैनेजर को जड़ा थप्पड़, मामला दर्जबैंक मैनेजर से मारपीट के बाद बवाल

महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां खामगांव शहर स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में स्वाभिमानी किसान संगठन के जिला अध्यक्ष अमोल पाटिल ने बैंक मैनेजर के साथ मारपीट की. घटना के बाद बैंक कर्मचारियों में काफी नाराजगी है. पुलिस ने बैंक मैनेजर की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक शिवाजी कड अपने केबिन में बैठे थे. इसी दौरान स्वाभिमानी किसान संगठन के बुलढाणा जिला अध्यक्ष अमोल पाटिल बैंक पहुंचे. आरोप है कि उन्होंने मैनेजर के केबिन में जाकर उनके साथ बहस की और फिर उन्हें थप्पड़ मार दिया.

किसानों के साथ बदसलूकी का आरोप

बताया जा रहा है कि जब बैंक के अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उनके साथ भी धक्का-मुक्की की गई. घटना से बैंक में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. घटना के बाद अमोल पाटिल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने किसानों के साथ कथित बदसलूकी से नाराज होकर यह कदम उठाया. उनका आरोप है कि कर्जमाफी की जानकारी लेने पहुंचे किसानों से बैंक मैनेजर अपमानजनक भाषा में बात करते थे.

बैंक मैनेजर ने किसानों से कही ये बात

किसान संगठन के नेता अमोल पाटिल का दावा है कि एक किसान जब कर्जमाफी के बारे में जानकारी लेने गया तो बैंक मैनेजर ने उससे कहा, "क्या यह तुम्हारे बाप की बैंक है? कितनी बार कर्ज लोगे?" उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक मैनेजर अक्सर किसानों के साथ इसी तरह का व्यवहार करते हैं. पाटिल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बैंक अधिकारियों का किसानों के प्रति रवैया नहीं बदला तो आगे भी विरोध किया जाएगा.

बैंक मैनेजर ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

हालांकि, बैंक मैनेजर शिवाजी कड ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है. उनका कहना है कि उन्होंने किसी किसान के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया और उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं. घटना के बाद बैंक कर्मचारियों ने खामगांव शहर पुलिस स्टेशन पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया. कर्मचारियों ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जल्द गिरफ्तारी की मांग की. देर रात तक बैंक कर्मचारी पुलिस स्टेशन में डटे रहे और नारेबाजी भी की.

किसान नेता के खिलाफ मामला दर्ज

खामगांव शहर पुलिस थाना प्रभारी सूर्यकांत अहिरकर ने बताया कि बैंक मैनेजर की शिकायत के आधार पर अमोल पाटिल के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है. आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम बनाई गई है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपी के मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. साथ ही बैंक कर्मचारियों को सुरक्षा और निष्पक्ष जांच का भरोसा भी दिया गया है.

फिलहाल इस घटना को लेकर इलाके में चर्चा का माहौल है. एक ओर किसान संगठन बैंक मैनेजर पर किसानों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर बैंक प्रबंधन इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा है. अब पूरे मामले में पुलिस जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी. 

POST A COMMENT