बिहार में चीनी उद्योग की वापसी, पीएम मोदी 20 नवंबर को सकरी-रैयाम मिलों का करेंगे शिलान्यास

बिहार में चीनी उद्योग की वापसी, पीएम मोदी 20 नवंबर को सकरी-रैयाम मिलों का करेंगे शिलान्यास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 नवंबर को मधुबनी के सकरी और दरभंगा के रैयाम चीनी मिलों की आधारशिला रखेंगे. बिहार सरकार ने अगले पांच वर्षों में 25 नई चीनी मिलों की स्थापना का लक्ष्य रखा है, जिससे किसानों की आमदनी और राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

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बिहार में चीनी उद्योग की वापसी, पीएम मोदी 20 नवंबर को सकरी-रैयाम मिलों का करेंगे शिलान्यासबिहार में दो चीनी मिलों का शिलान्यास करेंगे पीएम मोदी

उत्तर बिहार के रास्ते बिहार में चीनी मिलों को फिर से जीवन मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 20 नवंबर को मधुबनी के सकरी और दरभंगा के रैयाम की ऐतिहासिक चीनी मिलों की आधारशिला रखने के लिए बिहार आने वाले हैं. जिसके बाद यह उम्मीद लगाई जा रही है कि बिहार में चीनी उद्योग के जरिए राज्य की अर्थव्यवस्था के साथ किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी होगी. गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने बुधवार को सूचना भवन के सभाकक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान इन दोनों चीनी मिलों के आधारशिला कार्यक्रम में पीएम के आने की जानकारी दी. वहीं, सरकार का कहना है कि बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 के आने के बाद निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है.

सहकारिता विभाग के कंधों पर चीनी मिलों की जिम्मेदारी

गन्ना उद्योग विभाग के मंत्री संजय कुमार ने बताया कि 20 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों इन दोनों चीनी मिलों की आधारशिला रखी जाएगी. वहीं, इन चीनी मिलों के संचालन की जिम्मेदारी सहकारिता विभाग को दी जाएगी, ताकि किसानों की भागीदारी सुनिश्चित हो और सहकारी मॉडल के जरिए उद्योग को टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सके.

उन्होंने कहा कि आने वाले पांच वर्षों के दौरान राज्य में 25 नई चीनी मिलें बनाने का लक्ष्य सरकार की ओर से रखा गया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गन्ना आधारित उद्योगों की स्थापना और गन्ना फसल क्षेत्र विकास के लिए बिहार गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 को स्वीकृति दी जा चुकी है. इसके बाद से ही गन्ना से जुड़े उद्योग लगाने के लिए निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ रही है. 

गन्ना की खेती में कई योजनाओं का लाभ

गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि गन्ना खेती के विस्तार को लेकर सरकार की ओर से 45 तरह के आधुनिक यंत्रों पर सब्सिडी दी जा रही है. वहीं, मुख्यमंत्री गन्ना बीज विकास योजना, गन्ना यांत्रिकीकरण योजना, गन्ना नर्सरी योजना और नई चीनी मिल क्षेत्रों में गन्ना विस्तार अभियान शुरू किया गया है. राष्ट्रीय स्तर के तीन संस्थानों के साथ एमओयू किया गया है. आगे उन्होंने बताया कि चीनी मिलों को शुगर कॉम्प्लेक्स के रूप में स्थापित किया जाएगा, जिसमें चीनी के साथ ही इथेनॉल, बिजली और बायोगैस का उत्पादन होगा.

मढ़ौरा चीनी मिल विवाद जल्द खत्म होने की उम्मीद

गन्ना उद्योग विभाग के सचिव ने बताया कि सारण जिले के मढ़ौरा चीनी मिल विवाद को बहुत जल्द खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है. इसके अलावा सारण जिले के अन्य प्रखंडों में भी नई चीनी मिल स्थापित करने के लिए सरकारी भूमि का चयन किया जा रहा है. वहीं, मोतीपुर की बंद चीनी मिल की 266 एकड़ जमीन वापस लेने की स्वीकृति सरकार ने प्रदान कर दी है. साथ ही किसानों के पिछले गन्ना भुगतान की राशि का शत-प्रतिशत भुगतान भी कर दिया गया है.

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