बाघ के हमले के बाद अलर्ट मोड में वन विभाग, किसानों की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम

बाघ के हमले के बाद अलर्ट मोड में वन विभाग, किसानों की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम

बिहार के बगहा इलाके में बाघ के हमले के बाद वन विभाग अलर्ट मोड में आ गया है. किसानों की सुरक्षा को देखते हुए इलाके में निगरानी और गश्त बढ़ाई गई है. वन विभाग की टीमें बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं और किसानों को खेतों में जाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है.

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बाघ के हमले के बाद अलर्ट मोड में वन विभाग, किसानों की सुरक्षा के लिए खास इंतजामअलर्ट मोड में वन विभाग

बिहार के बगहा जिले के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वाल्मीकि रेंज में बाघ के हमले के बाद वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है.  जंगल से सटे इलाकों में बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है. वन विभाग की टीम बाघ के लोकेशन को ट्रेस करने के साथ ही उसके मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है. जंगल और आसपास के ग्रामीण इलाकों में वनकर्मियों की गश्त भी लगातार जारी है. बाघ की मौजूदगी को देखते हुए जंगल के किनारे रहने वाले ग्रामीणों और किसानों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग ने विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है. खेतों में काम करने वाले किसानों को अकेले खेतों की तरफ नहीं जाने की सलाह दी जा रही है. वहीं, किसानों की अपनी फसलों को खाद  और पानी देने की जरूरत है, ऐसे में वन विभाग ने उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलग व्यवस्था की है.

वनकर्मियों की मौजूदगी में खेतों में जा रहे किसान

जिन किसानों के खेत जंगल के किनारे हैं और जिन्हें फसल में खाद-पानी देने के लिए खेतों में जाना जरूरी है. ऐसे में उन्हें पहले वन विभाग को सूचना देने को कहा गया है. सूचना मिलने के बाद वनकर्मियों की मौजूदगी में किसानों को खेतों तक भेजा जा रहा है. किसान वनकर्मियों की निगरानी में अपने खेतों में खाद और पानी देने का काम कर रहे हैं. इस दौरान वनकर्मी खेत के आसपास लगातार नजर बनाए रखते हैं. किसी भी तरह की बाघ की गतिविधि दिखाई देने पर किसानों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाने की व्यवस्था की जा रही है. वन विभाग का मकसद है कि किसान अपनी जरूरी कृषि गतिविधियां भी कर सकें और उनकी सुरक्षा से किसी तरह का समझौता भी न हो.

माइकिंग के जरिए किसानों को किया जा रहा सतर्क

वहीं, वाल्मीकि रेंज के रेंजर सत्यम कुमार लगातार इलाके में माइकिंग करवा रहे हैं. माइकिंग के जरिए ग्रामीणों को बाघ की मौजूदगी को लेकर सतर्क किया जा रहा है. लोगों से साफ तौर पर अपील की जा रही है कि वे जंगल की तरफ न जाएं और जंगल के अंदर जाने से पूरी तरह बचें. रेंजर सत्यम कुमार ग्रामीणों के साथ लगातार बैठक भी कर रहे हैं. इन बैठकों में ग्रामीणों को बाघ के व्यवहार और उसकी गतिविधियों को लेकर सावधानी बरतने की जानकारी दी जा रही है. वन विभाग की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और बाघ दिखाई देने या उसकी गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें.

जंगल के आसपास बढ़ाई गई निगरानी

खास तौर पर किसानों से कहा गया है कि अगर उन्हें खेतों में खाद, पानी या किसी दूसरे कृषि कार्य के लिए जाना है, तो पहले वन विभाग को जानकारी दें. वनकर्मियों की मौजूदगी और निगरानी में ही खेतों में जाने की कोशिश करें. वन विभाग की टीम बाघ की ट्रैकिंग के लिए लगातार सक्रिय है. जंगल के आसपास संभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है और वनकर्मी ग्रामीणों के संपर्क में भी हैं. बाघ के मूवमेंट पर नजर रखने के साथ-साथ ग्रामीणों को जागरूक करने का काम भी लगातार किया जा रहा है. वन विभाग का कहना है कि लोगों से अपील है कि वे वन विभाग के निर्देशों का पालन करें, जंगल में जाने से बचें और खेतों में जाने की जरूरत होने पर पहले वन विभाग को सूचना दें. इससे वनकर्मियों की निगरानी में किसान सुरक्षित तरीके से अपने जरूरी काम कर सकेंगे. (अभिषेक पांडे की रिपोर्ट)

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