नलकूप चोरों से परेशान किसानों ने की अनोखी अपील, लिखे- चोर भाइयों, चोरी मत करो, रुपये ले जाओ

नलकूप चोरों से परेशान किसानों ने की अनोखी अपील, लिखे- चोर भाइयों, चोरी मत करो, रुपये ले जाओ

शामली जिले में नलकूप चोरी की बढ़ती घटनाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. चोर रात के अंधेरे में खेतों पर लगे सबमर्सिबल पंप, केबल और स्टार्टर चोरी कर रहे हैं. परेशान किसानों ने अब नलकूपों पर पहरा देना शुरू कर दिया है.

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नलकूप चोरों से परेशान किसानों ने की अनोखी अपील, लिखे- चोर भाइयों, चोरी मत करो, रुपये ले जाओचोरों से अनोखी अपील

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में इन दिनों किसानों के लिए खेतों की रखवाली करना बड़ी चुनौती बन गया है. जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में नलकूप चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. चोर रात के अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों में लगे नलकूपों को निशाना बना रहे हैं. किसानों के मुताबिक चोर आमतौर पर रात के समय खेतों में पहुंचते हैं. मौका मिलते ही वे नलकूप से सबमर्सिबल पंप, बिजली की केबल, कटिया और स्टार्टर जैसे सामान निकाल लेते हैं. इसके बाद बिना किसी आहट के वहां से फरार हो जाते हैं. इससे परेशान किसानों ने चोरों के नाम अनोखी अपील लिखी है.

70 से अधिक नलकूपों पर चोरी की घटनाएं

जानकारी के मुताबिक शामली कोतवाली क्षेत्र के लाक, लिसाढ़, बहावड़ी और कुड़ाना गांवों में नलकूप चोरी की घटनाएं सामने आई हैं. वहीं, बाबरी थाना क्षेत्र के बंतीखेड़ा, आदमपुर और हाथी करौदा में भी चोरों ने किसानों के नलकूपों से सामान चोरी किया है. वहीं, जिले में अब तक 70 से अधिक नलकूपों पर चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं. कई मामलों में किसान पुलिस को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन किसानों का कहना है कि अभी तक चोरी की घटनाओं का ठोस खुलासा नहीं हो सका है. लगातार हो रही वारदातों से किसानों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी नाराजगी बढ़ती जा रही है.

किसानों की चोरो के नाम अनोखी अपील

चोरी की घटनाओं से परेशान गांव कुड़ाना के एक किसान ने अपने नलकूप के गेट पर चोरों के नाम अनोखी अपील लिखी. किसान ने लिखा- 'चोर भाइयों, चोरी मत करो, जितने रुपये का सामान चोरी करके बेचते हो, उतने रुपये ले जाया करो' किसान ने यहां तक लिख दिया कि यदि रुपये चाहिए तो खेत में ही रखे मिल जाएंगे, लेकिन नलकूप से सामान चोरी न किया जाए.  किसान ने कहा कि नलकूप किसानों के लिए बेहद जरूरी हैं, क्योंकि इन्हीं के जरिए खेतों की सिंचाई होती है. ऐसे में मोटर और बिजली का सामान चोरी होने के बाद किसान को सिर्फ चोरी का नुकसान ही नहीं उठाना पड़ता, बल्कि सिंचाई का काम भी प्रभावित होता है. नया पंप, केबल और स्टार्टर खरीदने में भी किसानों का काफी पैसा खर्च हो जाता है.

प्रशासन के खिलाफ किसानों को बढ़ रहा गुस्सा

नलकूपों में बढ़ती चोरी की घटनाओं को लेकर किसानों का गुस्सा अब बढ़ता जा रहा है. करीब 15 दिन पहले भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने पुलिस के सामने विरोध जताया था. किसानों ने पुलिस को चोरों को पकड़ने के लिए 10 दिन का समय भी दिया था. लेकिन आरोप है कि समय बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं. किसानों का कहना है कि जिले में दो दर्जन से ज्यादा नलकूपों में चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक एक भी चोर पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है. किसानों का यह भी आरोप है कि रात के समय पुलिस की ओर से खेतों में गश्त नहीं की जा रही है और नलकूपों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही.

किसानों ने पुलिस पर लगाया आरोप

पुलिस की ओर से लगातार यही कहा जा रहा है कि टीम चोरों के करीब पहुंच चुकी है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा. लेकिन किसानों का कहना है कि अब तक न तो कोई चोर पकड़ा गया और न ही चोरी की घटनाओं का ठोस खुलासा हुआ है. इससे किसानों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है. किसानों का आरोप है कि पुलिस मामले को लेकर सिर्फ आश्वासन दे रही है, जबकि खेतों में चोरी की घटनाएं लगातार जारी हैं. अब किसान चाहते हैं कि पुलिस जल्द से जल्द चोरों को गिरफ्तार करे और नलकूपों पर रात में गश्त बढ़ाए, ताकि आगे ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके.

चोरों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम का गठन  

एएसपी सुमित शुक्ला ने बताया कि नलकूपों में हो रही चोरी की घटनाओं को रोकने और आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया है. टीम को चोरी की घटनाओं का खुलासा करने के साथ-साथ नलकूप चोरी करने वाले गिरोह का पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं. पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर इन मामलों का खुलासा किया जाएगा. वहीं, किसान अब पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं. लगातार हो रही चोरी से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. हालात ऐसे हो गए हैं कि कुछ किसानों ने अपने नलकूपों पर खुद पहरा देना शुरू कर दिया है. किसान रात में नलकूपों के पास ही सो रहे हैं ताकि चोरी की घटनाओं से उन्हें बचाया जा सके.

किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक का कहना है कि किसानों का अब पुलिस पर भरोसा कम हो गया है. उनका आरोप है कि पुलिस की ओर से सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही. उनका कहना है कि चोर अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं और किसान अपनी सुरक्षा खुद करने को मजबूर हैं. (शरद मलिक की रिपोर्ट)

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