गुजरात के जामनगर जिले में सिंचाई के पानी की कमी से परेशान किसानों ने अपनी मांग को लेकर सिंचाई विभाग का घेराव किया और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा. किसानों ने उंड-1 सिंचाई योजना की फल्ला सेक्शन की नहरों में जल्द पानी छोड़ने की मांग की. किसानों का कहना है कि कम बारिश के कारण खेतों में पानी की कमी हो गई है और फसलें सूखने की स्थिति में हैं. इस प्रदर्शन में सोयल, नथुवडला, मजोठ, आणंदा, नेसडा, वावडी, लिंबुडा और हडियाणा समेत आसपास के कई गांवों के किसान शामिल हुए. किसान नेताओं के मुताबिक करीब 8 से 9 गांवों के 700 से 800 लोग पानी की मांग को लेकर यहां पहुंचे थे.
किसानों का कहना है कि उंड-1 की बाईं नहर में अभी तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचा है. उनका कहना है कि जामनगर के कुछ इलाकों में बारिश कम होने के कारण खेती पर संकट बढ़ गया है. ऐसे में अगर नहर में पानी छोड़ा जाता है, तो आसपास के कई गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए राहत मिल सकती है. किसान अमु जेसा राठौड़ ने कहा कि उंड-1 से उन्हें पानी नहीं मिल रहा है. उन्होंने मांग की कि सौनी योजना के तहत बड़ा वाल्व लगाकर नहर में लगातार पानी छोड़ा जाए, ताकि जरूरतमंद किसानों को पानी मिल सके. उनका कहना था कि इस समय आसपास के कई गांवों में किसानों को सिंचाई के पानी की जरूरत है.
वहीं, किसान नेता रमेश नंदासणा ने बताया कि डाबा कांठा की नहर में अब तक पानी नहीं पहुंचा है. उन्होंने कहा कि वावड़ी, हड़ियाणा, आणदा, भादरा, नेसड़ा और लिंबुडा समेत कई गांवों में बारिश कम होने से फसलों पर असर पड़ा है. किसानों ने सरकार के सामने लिखित और मौखिक रूप से अपनी मांग रखी है. किसानों ने मांग की कि सौनी योजना का पानी उंड-2 डैम में पहुंचाया जाए, ताकि वहां से जरूरत के मुताबिक किसानों को सिंचाई का पानी मिल सके.
इधर, सिंचाई विभाग की कार्यपालक अभियंता शिल्पाबेन कनसागरा ने कहा कि किसानों ने उंड-1 सिंचाई योजना की बाईं नहर के फल्ला सेक्शन में पानी छोड़ने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया है. किसानों की मांग को उच्च स्तर पर रखा जाएगा और वहां से जो निर्णय मिलेगा, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल किसान जल्द से जल्द नहर में पानी छोड़े जाने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उनकी फसलों को सिंचाई का पानी मिल सके. (हेताली एम शाह की रिपोर्ट)
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