BKU तोतेवाल के नेता पर किसान से 18 लाख की ठगी का आरोप, केस दर्ज होने पर हुआ फरार

BKU तोतेवाल के नेता पर किसान से 18 लाख की ठगी का आरोप, केस दर्ज होने पर हुआ फरार

बीकेयू तोतेवाल के नेता और इमीग्रेशन सेंटर संचालक सुखबिंदर सिंह (सुख गिल) पर विदेश भेजने के नाम पर 18 लाख रुपये ठगने का आरोप है. पीड़ित ने 6 जून को शिकायत दी थी पर कार्रवाई न होने पर आत्मदाह की धमकी दी, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद 27 अगस्त को केस दर्ज हुआ और आरोपी फरार है.

Advertisement
BKU तोतेवाल के नेता पर किसान से 18 लाख की ठगी का आरोप, केस दर्ज होने पर हुआ फरारठगी का आरोपी क‍िसान नेता (बाएं), पीड़‍ित परिवार (दाएं)

बीकेयू तोतेवाल के सूबा प्रधान और इमीग्रेशन सेंटर के संचालक सुखबिंदर सिंह (सुख गिल) पर विदेश भेजने के नाम पर 18 लाख रुपये लेकर जाली वीजा देकर ठगी करने का आरोप लगा है. आरोप है कि धर्मकोट के निवासी बलबिंदर सिंह ने अपनी बेटी को विदेश भेजने के लिए फतेह इमीग्रेशन सेंटर के संचालक सुखबिंदर सिंह (भारतीय किसान यूनियन- तोतेवाल) के पंजाब प्रधान को 18 लाख रुपए दिए थे. लेकिन, सुखबिंदर सिंह ने उन्हें जाली वीजा देकर 18 लाख रुपये ठग लिए.

6 जून को पीड़ि‍त ने की थी शिकायत

पीड़ित परिवार ने 6 जून 2025 को एसएसपी मोगा को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई न होने से परेशान परिवार ने गुरुद्वारा साहिब में जाकर आत्मदाह करने की धमकी दी. जब इस संबंध में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस हरकत में आई और 27 अगस्त को किसान नेता के खिलाफ केस दर्ज किया गया. पीड़ित परिवार से पैसे लेने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है.

बताया जा रहा है कि इससे पहले भी यही किसान नेता धर्मकोट के गांव पंडोरी आरिया निवासी 21 वर्षीय जसविंदर सिंह से 45 लाख रुपये लेकर उसे डंकी रूट के जरिए अमेरिका भेजा था. लेकिन अमेरिका पुलिस ने उसे ड‍िपोर्ट करके 15 फरवरी 2025 को वापस भारत भेज दिया था. इस पर पीड़ित ने 18 फरवरी 2025 को सुख गिल, उसके भाई और मां के खिलाफ केस दर्ज करवाया था. 9 जुलाई 2025 को इसी किसान नेता की घर पर ईडी की रेड भी हुई थी.

2 साल के वर्क परम‍िट की हुई थी बात

शिकायतकर्ता बलबिंदर सिंह ने बताया कि फतेह इमीग्रेशन धर्मकोट के संचालक और किसान नेता सुखविंदर सिंह (सुख गिल) के साथ जान-पहचान थी, उसे जानकारी मिली कि सुखविंदर सिंह का भाई तलविंदर सिंह एजेंट के रूप में विदेश भेजने का काम करता है. इसी दौरान अपनी बेटी हरप्रीत कौर को कनाडा भेजने के लिए उसने दोनों भाइयों से बातचीत की और 18 लाख रुपए में 2 साल का वर्क परमिट दिलाने का सौदा तय हुआ. 

कई किस्‍तों में दिए थे 18 लाख

शिकायत के मुताबिक, 5 लाख रुपये नकद वीडियो बनाकर दिए गए. 10 नवंबर 2023 को 5 लाख बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए. 27 अगस्त को 6 लाख रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए. इसके अलावा 1 लाख रुपये की दो अलग-अलग नकद किस्तें भी दी गईं. वर्क परमिट दिलाने की बजाय फर्जी वर्क परमिट दे दिया गया.

जब परिवार ने अपने स्तर पर इसकी जांच की तो परमिट जाली निकला. बाद में किसान नेता ने वि‍जिटर वीजा पर विदेश भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन यह भी नहीं किया गया. इसके बाद मामला हल्का विधायक तक पहुंचा, जहां 10 मार्च 2025 को दोनों पक्षों में समझौता हुआ और किसान नेता की ओर से दो किस्तों में रकम लौटाने की बात तय हुई. लेकिन बाद में किसान नेता मुकर गया. 

आत्‍मदाह की धमकी के बाद दर्ज हुआ केस

पीड़‍ित परिवार ने बताया कि हमने 6 जून 2025 को एसएसपी मोगा को लिखित शिकायत दी, लेकिन कोई सुनवाई न होने पर हमने गुरुद्वारा जाकर पूरे परिवार समेत एक वीडियो बनाई थी कि पूरे परिवार इंसाफ न मिलने पर पूरे परिवार आत्महत्या करेंगे.
इस मामले थाना धर्मकोट में पीड़ित बलबिंदर सिंह के बयान के आधार पर 27 अगस्त को किसान नेता सुख गिल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया उनके गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापा मारी कर रही है. (अमन भारद्वाज की रिपोर्ट)

POST A COMMENT