मन की बातप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में किसानों के लिए बहुत जरूरी बातें बताईं. उन्होंने कहा कि उत्तर-पूर्व भारत में बांस की खेती और उससे जुड़े काम तेजी से बढ़ रहे हैं. पहले लोग बांस को ज्यादा महत्व नहीं देते थे, लेकिन अब यही बांस किसानों की अच्छी कमाई का साधन बन गया है.
सरकार ने साल 2017 में बांस को पेड़ की श्रेणी से हटा दिया. इससे किसानों को बांस उगाने और बेचने में आसानी हुई. अब किसान बांस से फर्नीचर, टोकरी, अगरबत्ती स्टिक और सजावट की चीजें बना रहे हैं. इससे गांवों में रोजगार बढ़ा है और किसान अपनी आय बढ़ा रहे हैं.
प्रधानमंत्री ने बताया कि बांस उद्योग में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ रही है. कई जगह महिलाएं मिलकर समूह बनाकर काम कर रही हैं और अच्छी कमाई कर रही हैं. इससे गांव की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपने परिवार की मदद कर रही हैं.
पीएम मोदी ने उत्तर-पूर्व को भारत की ‘अष्टलक्ष्मी’ कहा. इसका मतलब है कि यह क्षेत्र बहुत खास और समृद्ध है. यहां के लोग अब नई तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं और बांस से नई-नई चीजें बना रहे हैं.
त्रिपुरा, नागालैंड, मिजोरम और सिक्किम जैसे राज्यों में लोग बांस से फूड प्रोडक्ट, फर्नीचर और हैंडीक्राफ्ट बना रहे हैं. इससे किसानों और छोटे व्यापारियों को फायदा हो रहा है.
प्रधानमंत्री ने डेयरी उद्योग के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा कि भारत में सिर्फ गाय और भैंस ही नहीं, बल्कि याक और ऊंट के दूध से भी चीजें बनाई जाती हैं.
यह चीजें विदेशों में भी पसंद की जा रही हैं. इसका मतलब है कि दूध और उससे बने उत्पाद किसानों के लिए कमाई का अच्छा जरिया बन सकते हैं. अगर किसान डेयरी पर ध्यान दें, तो उनकी आय और बढ़ सकती है.
पीएम मोदी ने बताया कि भारत ने पवन ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है. देश की पवन ऊर्जा क्षमता 56 गीगावाट से ज्यादा हो गई है.
उन्होंने कहा कि सौर और पवन ऊर्जा से बिजली बनाना बहुत जरूरी है. इससे बिजली की बचत होगी और पर्यावरण भी साफ रहेगा. गांवों में भी इसका फायदा पहुंचेगा और खेती के काम में मदद मिलेगी.
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे उत्तर-पूर्व के बांस से बने सामान खरीदें और उन्हें उपहार में दें. इससे वहां के कारीगरों और किसानों को मदद मिलेगी. यह ‘मन की बात’ किसानों के लिए बहुत खास रही. इसमें साफ बताया गया कि बांस की खेती, डेयरी और नई तकनीक अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं. उत्तर-पूर्व भारत अब खेती, रोजगार और नए अवसरों का बड़ा केंद्र बन रहा है. अगर किसान इन नए तरीकों को अपनाएं, तो उनका भविष्य और बेहतर हो सकता है.
ये भी पढ़ें:
खाद के सही इस्तेमाल पर सरकार का बड़ा अभियान, लाखों किसानों तक पहुंची जानकारी
दक्षिण भारत में Apple क्रांति! कश्मीर-हिमाचल के सेब को चुनौती दे रहा ये किसान
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today