किसान ने की आत्महत्याओडिशा के गंजाम जिले में बाढ़ से फसल बर्बाद होने के बाद एक और किसान की आत्महत्या का मामला सामने आया है. दरअसल, 33 वर्षीय किसान बुलु मल्लिक की गुरुवार को मौत हो गई. बताया जा रहा है कि अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में हुई भारी बारिश और बाढ़ के कारण उसकी सब्जियों की पूरी फसल बर्बाद हो गई थी. इसके बाद से वह काफी परेशान थे. इस घटना के बाद इलाके में किसानों के बीच चिंता बढ़ गई है. वहीं, मृतक के परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया.
यह घटना गंजाम जिले के सदाब्रत नुआगांव गांव की है. मृतक किसान की पहचान 33 वर्षीय बुलु मल्लिक के रूप में हुई है. जानकारी के मुताबिक, किसान ने अपने खेत में सब्जियों की खेती की थी. लेकिन 28 अक्टूबर को चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के बाद हुई भारी बारिश और बाढ़ ने उसकी पूरी खड़ी फसल को बर्बाद कर दिया. गुरुवार को उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद पहले उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया. बाद में बेहतर इलाज के लिए MKCG मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
मृतक के एक रिश्तेदार ने बताया कि फसल बर्बाद होने के बाद से बुलु काफी परेशान थे. परिवार के मुताबिक, फसल के नुकसान और आर्थिक मुश्किलों ने उसकी चिंता बढ़ा दी थी. हालांकि, पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है और मौत के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है.
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मृतक के घर पहुंचकर जांच शुरू की. कबिसूर्य नगर पुलिस स्टेशन के प्रभारी इंस्पेक्टर संजय बेहरा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. वहीं, मृतक के रिश्तेदारों ने परिवार के लिए मुआवजे की मांग करते हुए सड़क जाम कर दिया. बाद में पुलिस और तहसीलदार के हस्तक्षेप के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ. बताया गया कि बुलु अविवाहित थे और उनके माता-पिता की कुछ साल पहले ही मौत हो चुकी थी. उनका छोटा भाई राज्य से बाहर काम करता है.
गंजाम जिले में एक सप्ताह के भीतर यह दूसरा मामला है, जिसमें बारिश से फसल बर्बाद होने के बाद किसान की कथित आत्महत्या की बात सामने आई है. इससे पहले रविवार को शेरागाडा ब्लॉक के डेंगापादार गांव में 65 वर्षीय किसान अर्जुन पांडा की भी मौत हो गई थी. अधिकारियों के मुताबिक, उसकी फसल भी बेमौसम में बर्बाद हो गई थी. लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने जिले में किसानों की आर्थिक स्थिति और फसल नुकसान के मुआवजे को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.
इस बीच, ओडिशा कृषक सभा की गंजाम इकाई ने किसानों के नुकसान की भरपाई की मांग तेज कर दी है. संगठन ने बुधवार को जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था. किसान संगठन की मांग है कि चक्रवाती तूफान 'अर्नब' और उसके बाद आई बाढ़ से जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, उन्हें उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता दी जाए. संगठन का कहना है कि फसल नुकसान के बाद किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. ऐसे में सरकार को प्रभावित किसानों की जल्द मदद करनी चाहिए. (PTI)
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