MSP और फसल मुआवजे पर घिरी राजस्थान सरकार, किसान नेता ने उठाए कई सवाल

MSP और फसल मुआवजे पर घिरी राजस्थान सरकार, किसान नेता ने उठाए कई सवाल

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लेकर किसान नेता ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सरकार पर किसानों के मुद्दों को नजरअंदाज करने और गलत बयानबाजी करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सरकार यह दावा करती है कि वह किसानों का दर्द समझती है, लेकिन हकीकत इससे अलग है.

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MSP और फसल मुआवजे पर घिरी राजस्थान सरकार, किसान नेता ने उठाए कई सवालMSP पर घिरी राजस्थान सरकार

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लेकर किसान संगठनों ने नाराजगी जताई है. किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने एक बयान जारी कर सरकार पर किसानों के मुद्दों को नजरअंदाज करने और भ्रामक बातें करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की असली समस्याओं से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है, जो बिल्कुल ठीक नहीं है.

रामपाल जाट ने कहा कि सरकार और उनके प्रवक्ता बार-बार यह दावा करते हैं कि वे खेती से जुड़े रहे हैं और किसानों का दर्द समझते हैं, लेकिन हालात कुछ और ही कहानी बयां करते हैं. उन्होंने कहा कि किसान पूरे 365 दिन मेहनत करता है. खेती में जुताई, बुवाई, निराई-गुड़ाई, कटाई, ढुलाई और फसल प्रबंधन जैसे कई काम लगातार करने पड़ते हैं. इसके बावजूद किसानों को उनकी उपज का सही दाम नहीं मिल पाता.

किसानों को नहीं मिल रही फसलों की MSP

उन्होंने फसलों के दाम को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए. उनके अनुसार, किसानों को बाजरे का बीज करीब 500 रुपये प्रति किलो तक खरीदना पड़ा, लेकिन वही बाजरा बाजार में 20 रुपये प्रति किलो से भी कम दाम पर बेचना पड़ा. इसी तरह, सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर भी खरीद नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि बाजरा, मूंग, चना और गेहूं जैसी फसलों में किसानों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है.

मजबूरी में कम दाम पर फसल बेच रहे किसान

रामपाल जाट ने बताया कि मूंग की फसल में किसानों को प्रति क्विंटल करीब 3000 रुपये तक का घाटा हुआ है. चने के मामले में भी MSP घोषित होने के बावजूद खरीद नहीं होने से किसानों को लगभग 775 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान उठाना पड़ रहा है.  वहीं गेहूं, जिसका MSP 2735 रुपये प्रति क्विंटल है, उसे भी किसान मजबूरी में करीब 2100 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास बेच रहे हैं.

बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलें खराब

उन्होंने यह भी कहा कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलें खराब हो रही हैं, लेकिन किसानों को आपदा राहत कोष से समय पर मदद नहीं मिल रही है. इसके अलावा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों से प्रीमियम तो लिया जाता है, लेकिन नुकसान होने पर उन्हें सही मुआवजा नहीं मिल पाता. साथ ही रामपाल जाट ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लें और उनका समाधान करें. उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान किसानों की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं, इसलिए सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए और किसानों के हित में ठोस कदम उठाने चाहिए. 

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