
गन्ना किसानों के लिए बड़ी उम्मीदगन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सासामुसा चीनी मिल के फिर से संचालन के लिए सरकार पूरी तत्परता के साथ काम कर रही है. उन्होंने बताया कि चीनी मिल को जल्द चालू करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं. मंत्री संजय कुमार ने यह बातें शनिवार को बामेती में आयोजित गन्ना किसान संगोष्ठी में किसानों को संबोधित करते हुए कहीं. इसके पहले उन्होंने अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार, ईख आयुक्त अनिल कुमार झा, संयुक्त इख़ायुक्त, जय प्रकाश नारायण सिंह, वैज्ञानिक डॉ. बक्शी राम, डॉ. एके मल्ल के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया.
गन्ना उद्योग मंत्री ने कहा कि सरकार ने बंद चीनी मिलों को खोलने के साथ ही नई चीनी मिलों की स्थापना करने का निर्णय लिया है. इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनी हुई है, जो लगातार काम कर रही है. उन्होंने किसानों से गन्ना की खेती को बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि पहले बिहार में 12 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती होती थी, लेकिन जल जमाव के कारण धीरे-धीरे यह काफी कम हो गई है. इसमें 66 हजार एकड़ खेत जल जमाव से बेकार पड़े हैं. इसके लिए भी सरकार काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि विभाग किसानों के उन्नति के लिए दिन रात काम कर रहा है. गन्ना किसानों के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं. उन्होंने कहा कि किसान लाभान्वित होंगे तभी चीनी मिलें चलेंगी. नई चीनी मिलों को लगाने के लिए 25 जिलों से रिपोर्ट मांगी गई है. आप सभी लोग मिलकर इसमें सहयोग करें.

अपर मुख्य सचिव के सेंथिल कुमार ने कहा कि पहले देश में सबसे अधिक चीनी का उत्पादन बिहार में होता था, लेकिन धीरे-धीरे कम हो गया. बिहार के उस गौरव को वापस लाने के लिए सबका सहयोग जरूरी है. बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट आदेश है कि बंद मिलों को खोलना है और नई मिले लगानी है. इसमें सभी को मिलकर टीम भावना से काम करना होगा तभी हम लोग लक्ष्य हासिल करेंगे, इसलिए गन्ना की खेती को विस्तार करना है, ताकि चीनी मिलों को भरपूर गन्ना मिल सके. किसानों की समस्याओं को सुनने के बाद अपर मुख्य सचिव ने कहा कि जो किसान पात्र होंगे उन्हें योजनाओं का लाभ मिलेगा.
वहीं, गन्ना आयुक्त अनिल कुमार झा ने कहा कि किसान अपनी क्षमता को पहचाने और नई ऊर्जा के साथ बेहतर कार्य करें, ताकि राज्य सरकार के मंशा के अनुरूप काम हो सके. चीनी उत्पादन के क्षेत्र में बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में ले जाना है. इसके लिए सभी को प्रयास करना पड़ेगा. उन्होंने राज्य सरकार के सभी योजनाओं को धरातल पर उतारने की अपील की. वहीं वैज्ञानिक डॉ. बक्शी राम ने कहा कि जल जमाव वाले क्षेत्रों में उत्तम किस्म के बीज लगाएं और उर्वरक का प्रयोग जरूरत के हिसाब से करें. वैज्ञानिक डॉ एके मल्ल ने गन्ने की खेती को उद्यमिता से जोड़ने की बात कही. इस मौके पर बड़ी संख्या में राज्य के अलग-अलग जिलों से आए किसान मौजूद रहे. कार्यक्रम संचालन सहायक ईखायुक्त वेदव्रत ने किया.
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